अहमदाबाद / अनाथ मासूम अब नए माता-पिता के साथ अमेरिका जाएगी

अनाथ क्रांति को दत्तक लेने वाले माता-पिता श्याम मोहन और पायल मोहन-सौजन्य फेसबुक अनाथ क्रांति को दत्तक लेने वाले माता-पिता श्याम मोहन और पायल मोहन-सौजन्य फेसबुक
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अनाथ क्रांति को दत्तक लेने वाले माता-पिता श्याम मोहन और पायल मोहन-सौजन्य फेसबुकअनाथ क्रांति को दत्तक लेने वाले माता-पिता श्याम मोहन और पायल मोहन-सौजन्य फेसबुक

  • आरपीएफ के जवान ने ट्रेन में लावारिस मिली मासूम को पालडी के शिशु गृह में सौंपी थी
  • श्याम और पायल ने लिया बच्ची का दत्तक

दैनिक भास्कर

Aug 20, 2019, 03:54 PM IST

अहमदाबाद. जून 2018 में आरपीएफ के जवान को कालूपुर रेल्वे स्टेशन में लावारिस हालत में एक बच्ची मिली थी, जिसे उसने पालडी के शिशु गृह में भेज दिया था। जहां से उसे अमेरिका के एक दम्पति ने उसे गोद लिया। अब यह बच्ची डेढ़ साल की हो गई है, अब वह मासूम अपने नए माता-पिता के साथ अमेरिका जाएगी।
अपने बेटे के पहले अन्य बच्ची को गोद लिया
अमेरिका के न्यूजर्सी में रहने वाले कपल की इच्छा थी कि उनका बच्चा हो, उसके पहले वे एक बच्चे का दत्तक लेना चाहते हैं। गांधीनगर के राजभवन में बच्ची को दत्तक लेने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तब गुजरात के गवर्नर  आचार्य देवव्रत, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अधिकारियों समेत कई महानुभाव वहां उपस्थित थे। कपल ने दत्तक ली बेटी का नाम रखा क्रांति मोहन।
क्रांति की मां मोरबी और पिता केरल के हैं
क्रांति के पिता श्याम मोहन मूल रूप से केरल के है, उनका जन्म और लालन-पालन अमेरिका में हुआ है। उधर क्रांति की मां मोरबी की हैं। श्याम इमिग्रेशन और कंसल्टंसी की फर्म चलाते हैं। यह दम्पति बच्ची को गोद लेकर बहुत ही खुश हैं। क्रांति की मां पायल ने बताया कि हमें लगातार क्रांति से वीडियो कॉल पर बात करते रहते थे। हम उसे भारत के बारे में हमेशा बताते रहेंगे। 
बच्ची अपने परिवार के साथ घुल-मिल गई है
शिशु गृह के सुपरिटेंडेंट रितेश दवे बताते हैं कि बच्ची अपने नए परिवार के साथ घुल-मिल गई है। महत्वपूर्ण यह है कि दम्पति का बच्चा हो, उसके पहले ही उन्होंने बच्ची को दत्तक लेने का निर्णय लिया। 2019 में यह चौथा इंटरनेशनल एडॉप्शन है और 2004 से अब तक कुल 269 बच्चों को दत्तक दिया जा चुका है। 

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