अच्छी पहल / रबारी समाज की महिलाओं ने घूंघट प्रथा बंद करने का लिया निर्णय

रबारी समाज की महिलाओं का सम्मेलन रबारी समाज की महिलाओं का सम्मेलन
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रबारी समाज की महिलाओं का सम्मेलनरबारी समाज की महिलाओं का सम्मेलन

  • भगवान के नाम पर ली शपथ
  • बेटे की तरह बेटी का भी सम्मान होना चाहिए

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 02:19 PM IST

पाटण. यहां देसाई समाज सेवा ट्रस्ट और गोपाल महिला मंडल द्वारा रविवार को आयोजित सम्मेलन में महिलाओं ने घूंघट प्रथा का विरोध करते हुए इसे बंद करने का फैसला किया। इसके लिए सभी ने अपने आराध्य की शपथ भी ली। सम्मेलन में तीन प्रस्ताव भी पारित किए गए।
 

घूंघट प्रथा से मुक्ति

एम के इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित इस सम्मेलन में वक्ता काजल ओझा वैद्य ने कहा कि एक मां जब बेटे-बेटी का लालन-पालन करती है, तो भी उनमें भेद क्यों किया जाता है? अब महिलाओं को अपनी संतानों का ही सम्मान करना सीखना होगा। समाज के कुप्रथाओं को दूर करना होगा। घूंघट प्रथा इसमें प्रमुख था, जिससे अब महिलाओं को मुक्ति मिल गई है। 
 

बहनों को भयमुक्त करना आवश्यक-मधुबेन
कार्यक्रम के कन्वीनर मधुबेन देसाई ने कहा कि रबारी समाज की बहनें काम तो करतीं हैं, किंतु आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। आगे बढ़ने के लिए उन्हें भयमुक्त होना होगा। इसके पहले चरण में घूंघट के खिलाफ सभी ने जंग छेड़ी और उससे मुक्ति पाई। इसके बाद पाटण के द्वारकेश कन्या छात्रावास के संचालक और रिटायर्ड आचार्य मगनभाई देसाई ने सभी बहनों को वाणीनाथ भगवान के नाम पर शपथ दिलाई। इसा पर बहनों और भाइयों ने भी खुशी व्यक्त की।
 

3 प्रस्ताव पारित

  • महिलाओं को घूंघट प्रथा से मुक्ति
  • महिलाओं द्वारा हॉस्पिटल में टिफिन भेजे जाने पर अनाज की होने वाली बरबादी के कारण अब टिफिन सेवा बंदर करने का निर्णय।
  • आपसी लेन-देन नहीं करना।
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