वड़नगर / ताना-रीरी महोत्सव में एक दिन में बने तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड



तबले पर प्रस्तुति देते कलाकार तबले पर प्रस्तुति देते कलाकार
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तबले पर प्रस्तुति देते कलाकारतबले पर प्रस्तुति देते कलाकार

  • 150 तबला-वादकों ने 30 मिनट में 28 राग प्रस्तुत किए
  • 108 बांसुरी वादकों ने 5 मिनट में दो धुनों की प्रस्तुत की
  • शीतल बेन बारोट ने एक मिनट में नृत्य शैली में 9 रस प्रस्तुत किए

Dainik Bhaskar

Nov 07, 2019, 04:27 PM IST

वड़नगर. भक्त कवि नरसिंह मेहता की बेटी की बेटी शर्मिष्ठा की बेटियों ताना-रीरी की याद में वड़नगर में 2003 से शुरू हुए दो दिवसीय ताना-रीरी महोत्सव बुधवार को शुरू हुआ। इस महोत्सव में तबला वादन, बांसुरी वादन और भरत नाट्यम नृत्य शैली में नवरस की प्रस्तुति देकर तीन विश्व रिकॉर्ड बनाए गए।
 

गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी का आयोजन
गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी और महेसाणा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ताना-रीरी महोत्सव के तहत यहां रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते ताना-रीरी गार्डन में ढलती शाम संगीत, संस्कार और स्थापत्य का त्रिवेणी संगम देखा गया। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल की उपस्थिति में वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के चीफ एडिटर पवन सोलंकी और को-आर्डिनेटर जीतेंद्र ठक्कर द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड के संबंध में प्रमाण पत्र दिया।
 

150 कलाकारों ने 30 मिनट में 28 ताल प्रस्तुत किए
तबला तालिम संस्था के 8 नेत्रहीन समेत 150 कलाकारों द्वारा तबला वादन किया गया। इसमें 30 मिनट में 28 ताल प्रस्तुत किए गए। 6 से 60 साल तक की उम्र के कलाकारों ने जब तबला वादन किया , तो दर्शक हतप्रभ रह गए। इस कार्यक्रम का संचालन मुंजाल मेहता ने किया। हारमोनियम में संगत दी कल्पेश भोजक ने। इन 28 तालों के नाम इस प्रकार हैं:- कहेरवा, दादरा, त्रिताल, जयताल, एकताल, खेमरा, रूपक, तेवरा, चौताल, घुमाली, हिंच, दीपचंदी, शूल, तीलवाडा, चित्र, नट, मोहिनी, सदानंद, हंसली, धमार, झुमर, अध्धा, पंजाबी, जत, टप्पा, पस्तो, कूरोदस्त और वसंत ताल।
 

एक मिनट में भरत नाट्यम से 9 रस की प्रस्तुति
कलागुरु शीतल बेन बारोट द्वारा एक मिनट में नवरस की प्रस्तुति भरत नाट्यम नृत्य शैली में दी गई। इस नवरस में श्रृंगार रस, हास्य रस, करुण रस, रौद्र रस, वीर रस, जुगुप्सा रस, वीभत्स रस, अद्भुत रस और शांत रस।
 

108 बांसुरी वादकों ने 5 मिनट में दो धुनें बजाई
108 बांसुरी वादकों द्वारा गांधीजी की 150 जयंती पर उन्हें भावांजलि देते हुए उनका प्रिय भजन “वैष्णव जन तो तेने कहिए...”राग खमाज पर और उसके तुरंत राष्ट्रगान “जन-गण-मन...” पांच मिनट में बजाकर नया वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाया। इसके ग्रुप लीडर भरत व्यास और मार्गदर्शक संजीव धारैया थे।
 

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