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चलती ट्रेन से बैग चोरी, हंगामा करने पर पुलिस खोज लाई

2 वर्ष पहले
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सूरत रेल्वे स्टेशन - Dainik Bhaskar
सूरत रेल्वे स्टेशन
  • क्या ट्रेन रोेकने पर ही सामान वापस आएगा?
  • उधना की घटना
  • यात्रियों ने 5 बार रोकी ट्रेन

सूरत. चलती ट्रेन किसी यात्री को अपना चोरी सामान वापस पाने के लिए ट्रेन को रोकना पड़ेगा, क्योंकि जब तक ऐसा नहीं करते आरपीएफ खोजबीन ही नहीं करती। शुक्रवार तड़के भी ऐसा ही हुआ। उधना के पास चलती ट्रेन में एक यात्री का बैग चोरी हो गया तो सैकड़ों यात्रियों ने पहले उधना उसके बाद सूरत में ट्रेन को चेन पुलिंग कर पांच बार रोका। उन्होंने कहा कि जब तक बैग वापस नहीं मिलता तब तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने देंगे। उसके बाद आरपीएफ ने एक घंटे में बैग को बरामद कर यात्री को दे दिया। 

एक घंटे में पुलिस बैग ले आई
शुक्रवार तड़के करीब 3.30 बजे पुणे से वेरावल जा रही 11018 पुणे-वेरावल एक्सप्रेस के एस 9 स्लीपर कोच में एक यात्री का बैग उधना के पास चलती ट्रेन में ही बदमाशों ने चुरा लिया। इससे सैकड़ों यात्रियों ने हंगामा कर दिया और चोर को पकड़ने के लिए उधना के पास बीच रास्ते में ही चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। उसके बाद ट्रेन जब सूरत स्टेशन पहुंची तो फिर से यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। आरपीएफ और रेल अधिकारियों ने यात्रियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए और ट्रेन को रोके रखा। उसके बाद ने एक घंटे में आरपीएफ के जवान बैग को बरामद कर सूरत स्टेशन लेकर आए। संबंधित यात्री को उसका बैग लौटाया गया तो यात्रियों ने हंगामा करना बंद किया। फिर पुणे-वेरावल एक्सप्रेस को रवाना किया गया। उसके पीछे एक के बाद एक खड़ी 7 ट्रेनों को भी रवाना किया गया।

बैग से मोबाइल व 3000 रुपए गायब 
पुणे से जूनागढ़ जाने के लिए लगभग 100 यात्रियों का दल ट्रेन के एस 9 कोच में सवार था। उधना के पास जब ट्रेन पहुंची तो बैग चोरी हो गया। उसके बाद चेन पुलिंग कर पांच मिनट तक ट्रेन रोके रखी। आरपीएफ का कहना है कि जब ट्रेन वहां से चली तो आरपीएफ की नाइट पेट्रोलिंग टीम ने देखा कि दो अज्ञात लोग ट्रैक पर ट्रॉली बैग लेकर जा रहे हैं। उसके बाद टॉर्च लाइट से उनका पीछा किया तो दोनों बैग छोड़कर भाग निकले। बैग से 3000 रुपए और मोबाइल फ़ोन गायब था। पेट्रोलिंग टीम ने बैग अपने कब्जे में ले लिया। बैग यात्री वी मेहता का था। सूरत के रेल अधिकारियों को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने बैग सूरत स्टेशन मंगाया।

यात्री ने चलती ट्रेन में दर्ज कराई एफआईआर
यात्री वी मेहता ने कहा कि उनका बैग तो मिल गया, लेकिन मोबाइल और 3000 रुपए गायब थे। हालांकि बैग में जरूरी कागजात थे, जो मिल गए। मोबाइल व नकदी की चोरी हुई थी, इसलिए ट्रेन में दो जीआरपी और दो आपीएफ के जवान उसके साथ भरूच तक गए और चलती ट्रेन में बयान लेकर मामला दर्ज कर लिया।

जैसे ट्रेन आगे बढ़ती चेन पुलिंग कर देते यात्री
पुणे-वेरावल एक्सप्रेस तड़के 3.50 बजे सूरत स्टेशन पहुंची। 3.55 बजे उसके रवाना होने का समय हुआ। जैसे ट्रेन चली वैसे कोच एस 9 में चेन पुलिंग कर दी गई। उसके बाद फिर सिग्नल हुआ तो फिर अलग-अलग समय पर तीन बार चेन पुलिंग की गई। बैग लौटाए जाने के बाद ही सुबह 4.55 बजे ट्रेन रवाना हो पाई।

पुणे-वेरावल के पीछे 50 मिनट तक रुकी रहीं 7 ट्रेनें
पुणे वेरावल ट्रेन को यात्रियों ने लगभग 1 घंटे तक सूरत स्टेशन पर रोके रखा। आरपीएफ ने यात्री का बैग लौटाया उसके बाद यात्री जाने को तैयार हुए। इस दौरान सूरत आने वाली कुल सात मेल ट्रेनें लगभग 50 मिनट एक के पीछे एक खड़ी रहीं। इनमें हमसफर एक्सप्रेस, बांद्रा-भुज, भुसावल पैसेंजर समेत कुल सात ट्रेनें देरी से चली।

हमने बैग ढूंढकर दिया तो यात्री हुए संतुष्ट
यात्रियों का ग्रुप था, जो पुणे-वेरावल एक्सप्रेस से जा रहा था। उनके एक सदस्य का बैग चलती ट्रेन में चोरी हो गया। इस बात को लेकर उन्होंने सूरत स्टेशन पर चेन पुलिंग कर हंगामा किया। उनका बैग हमने ट्रैक से ढूंढ कर वापस दे दिया। उसके बाद यात्री संतुष्ट हुए तो ट्रेन को रवाना किया गया। -ईश्वरसिंह यादव, प्रभारी आरपीएफ, सूरत
 

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