हादसा / लूम्स कारखाने में मजदूर की करंट से मौत पर हंगामा



पुलिस-मजदूरों में संघर्ष पुलिस-मजदूरों में संघर्ष
एम्बुलेंस पर हमला एम्बुलेंस पर हमला
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पुलिस-मजदूरों में संघर्षपुलिस-मजदूरों में संघर्ष
एम्बुलेंस पर हमलाएम्बुलेंस पर हमला

  • 5 घंटे तक चलता रहा हंगामा
  • एंबुलेंस सहित तीन वाहन तोड़े
  • पत्थर लगने से दो पुलिस अधिकारी घायल 

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 01:56 PM IST

सूरत. पांडेसरा के एक लूम्स कारखाने में गुरुवार की देर रात एक मजदूर की करंट लगने से माैत हो गई। इस बात को लेकर शुक्रवार की सुबह लगभग 500 लोग कारखाने के बाहर मृतक का शव रखकर हंगामा करने लगे। लोगों का कहना था कि कारखाना मालिक की लापरवाही से मौत हुई, इसलिए 10 लाख रुपए मुआवजा दें। 


पुलिस पर पथराव
पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने पहुंची तो उन्होंने उनसे भी धक्का-मुक्की की। बाद में नारेबाजी के साथ पुलिस पर पथराव भी कर दिया। इससे पीएसआई एमएम मौर्य और ए के खुमन घायल हो गए। उन्हें सिविल अस्पताल भेजा गया। लोगों ने पत्थरबाजी कर एंबुलेंस के कांच तोड़ दिए। पुलिस की 2 गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को काबू में करने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के तीन गोले छोड़े। करीब 5 घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस पर इरादतन हमला करने के आरोप में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 500 लोगों के खिलाफ पुलिस पर पथराव करने और दंगा करने का मामला दर्ज किया गया है। मृतक मजदूर का नाम दयानिधि गौडा है। वह ओडिशा का रहने वाला था और सूरत में 20 साल से रह रहा था। वह हरिओम इंडस्ट्रीज में पिछले 2 साल से काम कर रहा था। 


पानी पीने गया था, लौटा ही नहीं
मृतक दयानिधि गौडा के साथ काम करने वाले एक मजदूर ने बताया कि वह पिछले दो साल से हरिओम इंडस्ट्रीज के खाता नंबर 138-139 में काम कर रहा था। गुरुवार की रात वह काम करने के दाैरान कारखाने में ही पानी पीने गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। उसे बुलाने गए साथी कारीगर ने देखा वह जमीन पर मरा पड़ा है। इस बात की जानकारी कारखाने के मैनेजर को दी गई तो उसने मजदूरों से गाैड़ा का शव उठवाकर तीसरी मंजिल पर ले जाकर रखवा दिया। लगभग डेढ़ घंटे बाद उसके शव को अस्पताल भेजा गया। एंबुलेंस बुलाकर जब शव को सिविल अस्पताल भेजा जाने लगा तो लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा करने लगे। 


पुलिस पर हमला करने वालों को छोड़ेंगे नहीं 
हमने मृतक के परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित लोगों ने पुलिस जवानों पर ही हमला कर दिया। इस तरह से हमला करने को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मजदूर की मौत का जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन पुलिस पर हमला करने वालों को भी नहीं छोड़ा जाएगा। उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -एचडी मेवाड़ा, एसीपी, एफ डिवीजन 


कारखाना मालिक दो लाख दे रहा था, मांग 10 लाख मुआवजे की 
मृतक दयानिधि गाैड़ा के परिवार से उसकी बेटी और दामाद ही सूरत में रहते हैं। परिजन और साथी मजदूर कारखाने के मालिक से 10 लाख रुपए मुआवजा मांग रहे थे। कारखाने के मालिक ने 1 से 2 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन लोगों नहीं माने। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उन्हें पुलिस समझाने गई, लेकिन बात नहीं बनी। 


प्राथमिक जांच में करंट लगने से मौत का पता चला
दयानिधि गौडा के शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में किया गया। पीएम करने वाले मेडिकल ऑफिसर डॉ. उमेश चौधरी ने बताया कि पीएम के दौरान एफएसएल और अन्य डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रही। प्राथमिक जांच में मौत करंट लगने से मौत का पता चल रहा है। फिलहाल शव से विसरा लेकर लैब भेज दिया गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। 


आरोपियों को कोर्ट में पेश करेंगे 
जिन लोगों को पकड़ा गया है उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी। पुलिस पर पथराव करने वाले अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 145, 146, 147, 152, 153, 332, 452, 427, 504 डैमेज टू प्राॅपर्टी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। -डीडी पुआर, इंचार्ज पीआई, पांडेसरा थाना 

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