राजकोट

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पिता के शव को कांधा देकर 3 बेटियों ने निभाया पुत्रधर्म

रविवार की सुबह इन तीनों बेटियों ने रोते हुए किया पिता का अंतिम संस्कार।

Dainik Bhaskar

Apr 09, 2018, 12:46 PM IST
पिता के शव को कांधा देती बहनें। पिता के शव को कांधा देती बहनें।

डीसा। यहां पिता की मौत पर उनकी 3 बेटियों ने उनके शव को कांधा देकर फिर उनका अंतिम संस्कार कर पुत्र का धर्म निभाया। इस तरह से उन्होंने पुत्रहीन पिता की अंतिम यात्रा में शामिल होकर एक नया उदाहरण पेश किया। 6 साल पहले इन्हीं बेटियों ने अपनी मां के शव को भी कांधा देकर उनका अंतिम संस्कार किया था। आंसुओं से भरी आंखों से दी पिता को अंतिम विदाई…

पुरुषप्रधान समाज में आज भी कई स्थानों पर महिलाओं को जाना वर्जित है। ऐसा ही एक स्थान है श्मशान। यहां के वेलुनगर के पास मधुकुंज सोसायटी में रहने वाले 89 वर्षीय कांतिलाल कालीदास पंचीवाला का शनिवार को निधन हो गया। उनका कोई बेटा नहीं था, इसलिए उनकी तीन बेटियों चंद्रकला, नीता और मनीषा ने पुत्रधर्म का पालन करते हुए उनके शव को कांधा दिया और उनका अंतिम संस्कार भी किया।

6 साल पहले मां की अर्थी का दिया था कांधा

6 साल पहले इन तीनों बहनों की मां का निधन हो गया, तब भी इन्हीं लोगों ने मां की अर्थी का कांधा देकर उनका अंतिम संस्कार किया था। सबसे बड़ी बहन चंद्रकला ने बताया कि हमारा काेई भाई नहीं था, इसलिए हम तीनों बहनों ने घर की सारी जिम्मेदारी संभाल रखी थी। इस काम में हमारे पति भी हमारा पूरा सहयोग करते हैं। माता-पिता का अंतिम संस्कार कर हमने उनकी अंतिम इच्छा पूरी की है।

इस तरह से निभाया पुत्रधर्म। इस तरह से निभाया पुत्रधर्म।
3 daughter taken funeral ceremony of father in deesa
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पिता के शव को कांधा देती बहनें।पिता के शव को कांधा देती बहनें।
इस तरह से निभाया पुत्रधर्म।इस तरह से निभाया पुत्रधर्म।
3 daughter taken funeral ceremony of father in deesa
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