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भावनगर के बाड़ी में आंदोलन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज

50 लोग हिरासत में, कंपनी को रोज 4 करोड़ का नुकसान।

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 01:33 PM IST
पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस बल तैनात किया गया।

भावनगर। जिले के घोघा तहसील के बाड़ी-पडवा गांव में 22 साल पहले संपादित हुई जमीन का कब्जा लेने के लिए गुजरात थर्मल पॉवर कार्पोरेशन के अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। इस दौरान जमीन से प्रभावित 12 गांव के किसानों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए आंदोलन किया। उग्र भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। 50 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के कदम को दमनकारी बताया…

इस संंबंध में पुलिस ने 10 महिलाओं, 5 विद्यार्थियों समेत 50 लोगों को हिरासत में लिया है। उधर गांव वालों ने पुलिस के इस कदम को दमनकारी बताया है। जीएसपीएल कंपनी द्वारा हाईकोर्ट की मनाही के बाद आदेश की अर्जी रद्द कर दी गई थी। इसके बाद भी जमीन का कब्जा लेने की कार्रवाई की गई।

700 से अधिक पुलिस बल था

बाड़ी-पड़वा गांव में आज भावनगर-अमरेली और बोटाद जिले की पुलिस और एसआरपी की तीन कंपनियां मिलकर 700 से अधिक पुलिस बल जमीन पर कब्जा लेने के लिए पहुंचा था। इसके पहले कलेक्टर ने जिले के इंटरनेट बंद करने की भी घोषणा की थी। जब पुलिस बल जमीन का कब्जा लेने पहुंचा था, तब बच्चे और महिलाएं जेसीबी मशीन के आगे लेट गए थे। दूसरी ओर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और अश्रुगैस के 50 गोले छोड़े। इस दौरान 50 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया। इन सभी को भावनगर के पुलिस हेडक्वार्टर लाया गया, जहां सभी ने अन्न-जल त्यागने की घोषणा की, इस पर काफी देर बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।

क्या कहता है GPCL

कंपनी के अधिकारी राजकुमार रायसंघाणी का कहना है कि जमीन संपादन की प्रक्रिया रद्द करने के लए पूर्व खातेदारों द्वारा हाईकोर्ट, सुप्रीमकोर्ट में पिटीशन की गई है। सुप्रीमकोर्ट ने 28 मार्च 2018 को पूर्व खातेदारों द्वारा किए गए पिटीशन को अस्वीकार कर दिया गया।

क्या कहते हैं किसान

किसान संघर्ष समिति के कनकसिंह गोहिल ने बताया कि 5 साल तक संपादन की गई जमीन का कब्जा न लिया जा, तो वह जमीन मूल मालिक को वापस मिल जाती है। इस कानून 2014 में अमल में लाया गया है। इसलिए हमने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस भी किया है। सुप्रीमकोर्ट में सोमवार को हमने रिव्यू पिटीशन भी दाखिल करेंगे।

रोज 4 करोड़ का नुकसान

जिला कलेक्टर हर्षद पटेल ने पत्रकार वार्ता में इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जमीन संपादन के लए 1997 से 2005 के बीच तत्कालीन कीमत में दो से तीन गुना वृद्धि हुई है, इसे देखते हुए प्रति हेक्टयेर ढाई से तीन लाख रुपए का भुगतान किया गया है। 500 मेगावॉट बिजली के लिए 1.1 मिलियन मेट्रिक टन लिग्नाइट की खदान बीस साल तक उपलब्ध होनी है। इसके लिए 500 करोड़ का निवेश भी किया गया है और कंपनी को रोज 4 करोड़ का नुकसान हो रहा है। अब हालात काबू में हैं।

50 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। 50 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज।
महिलाओं ने किया विरोध। महिलाओं ने किया विरोध।
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पुलिस बल तैनात किया गया।पुलिस बल तैनात किया गया।
50 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।50 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज।हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज।
महिलाओं ने किया विरोध।महिलाओं ने किया विरोध।
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