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पालनपुर: दो साल से पेड़ के नीचे पढ़ाई करने की मजबूरी

छात्र-छात्राएं दो साल से पेड़ के नीचे करते हैं पढ़ाई, मंजूरी के बाद भी बरामदा बनाने का काम अटका।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 04:25 PM IST
डीसा के भादरा गांव के बच्चे दो साल से पेड़ के नीचे पढ़ाई कर रहे हैँ। डीसा के भादरा गांव के बच्चे दो साल से पेड़ के नीचे पढ़ाई कर रहे हैँ।

पालनपुर। 2015 की बाढ़ में डीसा तहसील के भादरा गांव की प्राथमिक शाला का बरामदा क्षतिग्रस्त हो गया था। नए बरामदे के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी, इसके बाद भी दो साल से बरामदा नहीं बन पाया है। बीच में बरामदे का काम फिर से शुरू हुआ था, पर उसके अटक जाने से शुक्रवार की दोपहर बच्चों ने पालनपुर के कलेक्टर कार्यालय में आकर हंगामा मचाया था। सरपंच ने अटकाया काम…

जुलाई 2017 में यहां फिर बाढ़ आई थी, जिससे बरामदा क्षतिग्रस्त हुआ था। तब सरकार ने नए बरामदे की मंजूरी दी। तीन दिन पहले ही काम शुरू हुआ था, पर यहां के सरपंच ने काम अटका दिया। इससे गांव वाले नाराज हो गए। सभी बच्चों को लेकर पालनपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, वहां हंगामा मचाया। छात्रों के इस कदम से कुछ देर के लिए तो वहां एकदम शांति छा गई।

बरामदा बहुत ही जल्द बनाया जाएगा

बरामदा बनाने का मामला 2015 से विवाद में है। इस मामले में कोर्ट कार्यवाही भी हुई है। इसके बाद भी छात्रों के हित में बरामदा बनाने का काम त्वरित गति सेशुरू कराया गया है। नया बरामदा बहुत ही जल्द बन जाएगा। डॉ. दीपक दर्जी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी।

भूख हड़ताल करेंगे

किसी भी कारण से स्कूल का काम रोका जा रहा है। यदि काम फिर से शुरू नहीं हुआ, तो शाला में ताला लगाकर डीपीओ कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की जाएगी। घेमराजी वशाजी वाघेला, सरपंच भादरा।

148 कन्याओं समेत297 छात्रों का भविष्य अंधकार में। 148 कन्याओं समेत297 छात्रों का भविष्य अंधकार में।