राजकोट

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परीक्षा और शादी: पहला पेपर देने के बाद लिए सात फेरे

सोनल ने सात फेरे से पहले परीक्षा को माना महत्वपूर्ण, सार्थक हुई कन्या शिक्षा योजना।

Danik Bhaskar

Nov 24, 2017, 04:35 PM IST
परिवार वालों के आग्रेह से सोनल ने पहले परीक्षा दी। परिवार वालों के आग्रेह से सोनल ने पहले परीक्षा दी।

पोरबंदर। यूनिवर्सिटी द्वारा बी.एड.की परीक्षा पहले 28 अक्टूबर को होने वाली थी, किंतु अचानक हुए बदलाव के कारण यह परीक्षा 23 नवम्बर से शुरू हुई। पोरबंदर में रहने वाली और बी.एड. की पढ़ाई करने वाली युवती के सामने शादी और परीक्षा एक ही दिन होने के कारण उसने पहला पेपर देने के बाद सात फेरे लिए। आज पढ़ाई का कितना महत्व है, यह बताने के लिए यह घटना ही काफी है। फेरे से अधिक महत्वपूर्ण है पेपर देना…

पोरबंदर के छाया चौकी इलाके में रहने वाले किशोर भाई मोढा की बेटी सोनल बीएड की पढ़ाई कर रही है। उसकी शादी तय कर दी गई। पहले बीएड की परीक्षा 28 अक्टूबर से शुरू होने वाली थी, फिर अचानक इसमें बदलाव किया गया। तब पहला पेपर 23 नवम्बर को होना तय हुआ। उस दिन सोनल की शादी की तारीख थी। ऐसे में सोनल ने पढ़ाई को महत्व देते हुए पहले माधवाणी कॉलेज के परीक्षा हॉल में पहुंचकर पेपर दिया, उसके बाद सात फेरे लिए।

परिवार का आग्रह था पहले परीक्षा

जब परीक्षा और शादी की तारीख एक ही हो गई, तब सोनल पसोपेश में पड़ गई। ऐसे में परिवार वालों ने आग्रह किया कि परीक्षा को महत्व दो, पढ़ाई महत्वपूर्ण है। उसे बताया गया कि वर्तमान में बेटी का पढ़ा-लिखा होना बहुत ही आवश्यक है। तब सोनल ने तय किया कि पहले परीक्षा देंगी फिर सात फेरे लिए जाएंगे।

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परीक्षा के बाद सोनल ने लिए सात फेरे। परीक्षा के बाद सोनल ने लिए सात फेरे।
सरकार द्वारा कन्या शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है, यह उसी का उदाहरण है। सरकार द्वारा कन्या शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है, यह उसी का उदाहरण है।
सोनल अपने पति के साथ। सोनल अपने पति के साथ।
सोनल अपने पति के साथ। सोनल अपने पति के साथ।
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