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मामा ने भांजे को अपनी एक किडनी देकर दिया जीवनदान

एक किडनी के बाद भी मामा प्रवीणभाई मजीठिया का जीवन आज भी सुचारू रूप से जारी है।

Dainikbhaskar.com| Last Modified - Apr 30, 2018, 03:54 PM IST

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Both of the young kidneys became dependent on dialysis
धर्मेंद्र

पाेरबंदर। अपने 27 वर्षीय भांजे को एक किडनी देकर मामा ने उसे नया जीवनदान दिया। अब भांजे को डायलिसिस की जिंदगी से छुटकारा मिल गया। दूसरी ओर मामा की जिंदगी में इससे कोई फर्क नहीं पड़ा, 65 साल की अवस्था में  वे आज भी अपने रूटीन के सारे काम आसानी से कर रहे हैं। सप्ताह में 3 दिन रखा जाता था डायलिसिस पर…

 

पोरबंदर के मनसुखलाल चोलेरा के युवा पुत्र धर्मेंद्र की 1997 में दोनों किडनी खराब होने लगी। उसके बाद उसके साथ डायलिसिस का सफर शुरू हुआ। सप्ताह में 3 बार डायलिसिस कराया जाता। हालत दिनों-दिन खराब होने लगी। ऐसे में उसके मामा प्रवीण भाई मजीठिया सामने आए। उन्होंने भांजे को अपनी एक किडनी देने का प्रस्ताव रखा। सौभाग्य से किडनी मेच भी हो गई। प्रवीण भाई ने जब अपने भांजे को किडनी दी, तब वे 52 वर्ष के थे। नई किडनी मिलने से धर्मेंद्र को नया जीवन मिल गया। इधर मामा प्रवीण भाई भी अपनी रूटीन की लाइफ जीने लगे।

 

अखबार बांटने का काम करते थे

जब प्रवीण भाई ने अपनी किडनी दी, तब वे घर-घर जाकर अखबार बांटने का काम किया करते थे। फिर उन्होंने यह काम छोड़ दिया, अब वे एक नौकरी करने लगे हैं। वे कहते है कि किडनी देने के बाद उनके स्वास्थ्य में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं आया। आज भी वे अपने रूटीन का सारा काम करते हैं, साथ में नौकरी भी कर रहे हैँ।

 

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धर्मेंद्र के मामा प्रवीणभाई
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