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सौराष्ट्र की इस सरकारी स्कूल में टेबलेट से दी जाती है शिक्षा

प्राइवेट स्कूल को टक्कर देती है यह स्कूल, जहां ब्लेक बोर्ड भी स्मार्ट हैं।

Danik Bhaskar | Apr 30, 2018, 05:02 PM IST
निजी स्कूल के छात्र इस स्कूल में प्रवेश लेने लगे हैं। निजी स्कूल के छात्र इस स्कूल में प्रवेश लेने लगे हैं।

मोरबी। यहां भरतनगर की सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे प्रायमरी के 150 छात्र टेबलेट और स्मार्ट बोर्ड से डिजिटल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैँ। 2015 में ग्रामीणों ने डेढ़ लाख रुपए इकट्ठे किए। इसके बाद यहां 20 टेबलेट और 4 स्मार्ट बोर्ड, इंग्लिश-ग्रामर एप्लिकेशन, जनरल नाॅलेज, पाठ्यपुस्तक, सामयिक रिफरेंस, पीडीएफ फाइल आदि से डिजिटल एजुकेशन दिया जा रहा है। सरकार ने भी की सहायता…

ग्रामीणों के सहयोग से शुरू हुई इस स्मार्ट शिक्षा पर सरकार का भी ध्यान गया, तब उसकी ओर से 100 टेबलेट और 4 स्मार्ट बोर्ड प्रदान किए गए। फिर 7 शिक्षकों की भी नियुक्ति की गई। तब गांव वालों ने अपनी तरफ से दो शिक्षकों की व्यवस्था की, इस तरह से बच्चों को डिजिटल माध्यम से ज्ञान मिलना शुरू हो गया।

निजी स्कूलों के बच्चे पहुंचे सरकारी स्कूल में

भरतनगर की इस प्राथमिक शाला की शिक्षा पद्धति से प्रभावित होकर यहां के निजी स्कूलों के बच्चे भी इस स्कूल में एडमिशन लेने लगे हैं। यह जानकारी शाला के प्राचार्य रजनीकांत भाई दलसाणी ने दी। ग्रामीणों के सहयोग से यहां हर साल विज्ञान मेले का आयोजन किया जाता है। इसका पूरा खर्च ग्रामीण उठाते हैं।

2015 में पहली बार ग्रामीण ने डेढ़ लाख रुपए इकट्ठे कर डिजिटल एजुकेशन की शुरुआत की। 2015 में पहली बार ग्रामीण ने डेढ़ लाख रुपए इकट्ठे कर डिजिटल एजुकेशन की शुरुआत की।
सरकार ने 7 टीचर्स की नियुक्ति की, तो ग्रामीणों ने दो टीचर को अपनी तरफ से रखा। सरकार ने 7 टीचर्स की नियुक्ति की, तो ग्रामीणों ने दो टीचर को अपनी तरफ से रखा।
26 जनवरी 2015 को शुरू हुआ स्कूल में स्मार्ट एजुकेशन। 26 जनवरी 2015 को शुरू हुआ स्कूल में स्मार्ट एजुकेशन।
सरकार ने 100 टेबलेट की व्यवस्था की। सरकार ने 100 टेबलेट की व्यवस्था की।