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ये आराम का मामला है, दोपहर को सोकर वेतन लेने वाले सरकारीकर्मी

लंच के बाद सारे काम छोड़कर लेते हैं गहरी नींद, कुछ तो टेबल को ही बना लेते हैं बिस्तर।

Dainik Bhaskar

Apr 28, 2018, 03:50 PM IST
ये आराम का मामला है। ये आराम का मामला है।

राजकोट। सरकारी कार्यालयों में एक छोटे से काम के लिए लोगों को कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। कर्मचारियों की यही शिकायत होती है कि काम बहुत ही ज्यादा है। पर ये कितना काम करते हैं और कितना आराम, यह जानना कोई बड़ी बात नहीं है। महानगरपालिका के कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय की ये तस्वीरें ही बता रही हैं कि कार्यालय में आराम के मामले में ये किसी की नहीं सुनते। आंखों देखा हाल…

दोपहर सवा 3 बजे, सबसे पहले कार्पोरेशन की सेंट्रल जोन ऑफिस पहुंचने में देखा कि कर्मचारी गहरी नींद में सो रहे हैं। दूसरी ओर 70% कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं थे। कलेक्टर कार्यालय में भी कर्मचारी गैरहाजिर थे। सभी अलग-अलग विभागों में लाइट बंद कर पंखे के नीचे ऊंघ रहे थे। बहुमंजिली इमारत में आखिरी में स्थित सरदार सरोवर निगम के कार्यालय में कर्मचारी टेबल को ही अपना बिस्तर बनाकर आराम फरमा रहे थे।

टेबल बना बिस्तर। टेबल बना बिस्तर।
ये आराम का मामला है। ये आराम का मामला है।
कैमरे के सामने भी इतने लापरवाह। कैमरे के सामने भी इतने लापरवाह।
ताश खेलते हुए गुजारते हैं समय। ताश खेलते हुए गुजारते हैं समय।
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ये आराम का मामला है।ये आराम का मामला है।
टेबल बना बिस्तर।टेबल बना बिस्तर।
ये आराम का मामला है।ये आराम का मामला है।
कैमरे के सामने भी इतने लापरवाह।कैमरे के सामने भी इतने लापरवाह।
ताश खेलते हुए गुजारते हैं समय।ताश खेलते हुए गुजारते हैं समय।
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