--Advertisement--

शहीद पायलट की अंत्येष्टि, लंदन से बेटे ने आकर दी मुखाग्नि

गार्ड ऑफ ऑनर, राष्ट्रीय सलामी, परेड कर अंतिम संस्कार किया गया, सभी हुए भावुक।

Dainik Bhaskar

Jun 08, 2018, 03:58 PM IST
गार्ड आॅफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार। गार्ड आॅफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार।

जामनगर। 5 जून को एयरफोर्स का लड़ाकू जगुआर विमान कच्छ में क्रेश हो गया। विमान में सवार जामनगर एयरफाेर्स के जांबाज एयर कमोडोर संजय चौहान शहीद हो गए। शुक्रवार को उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पार्थिव देह को अग्नि देने के लिए उनके बेटे लंदन से आए। इस दौरान एयरकमोडोर का परिवार भावुक हो गया। सलामी दी गई और परेड भी की गई…

संजय चौहान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उन्हें सलामी दी गई और परेड भी की गई। जामनगर एयरफोर्स के एयर कमोडोर संजय चौहान मंगलवार को रूटीन फ्लाइट के तहत उड़ान भरी। इस दौरान विमान जब कच्छ पहुंचा, तब उसमें तकनीकी खराबी आ गई। संजय चौहान चाहते, तो कूदकर अपनी जान बचा सकते थे, किंतु विमान उस वक्त आबादी वाले इलाके में था, इसलिए उन्होंने अपनी सीट नहीं छोड़ी। वे विमान को सुनसान इलाके में ले गए, इस दौरान विमान क्रेश हो गया और उनकी मौत हो गई।

एक दिन विलम्ब से हुई अंत्येष्टि

विमान दुर्घटना में शहीद हुए संजय चौहान का बुधवार की दोपहर गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रीय सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया जाना था, किंतु पुत्र लंदन में होने के कारण और परिवार के अन्य सदस्यों के न पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार एक दिन बाद शुक्रवार की सुबह किया गया। उनकी अंतिम विधि शहर के माणेकबाई सुखधाम श्मशान में की गई।

शहीद संजय चाैहान का परिवार। शहीद संजय चाैहान का परिवार।
राष्ट्रीय सलामी दी गई। राष्ट्रीय सलामी दी गई।
सैनिकों ने अपने साथी को दी विदाई। सैनिकों ने अपने साथी को दी विदाई।
उनकी अंतिम विधि शहर के माणेकबाई सुखधाम श्मशान में की गई। उनकी अंतिम विधि शहर के माणेकबाई सुखधाम श्मशान में की गई।
अंतिम विदाई के क्षण। अंतिम विदाई के क्षण।
X
गार्ड आॅफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार।गार्ड आॅफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार।
शहीद संजय चाैहान का परिवार।शहीद संजय चाैहान का परिवार।
राष्ट्रीय सलामी दी गई।राष्ट्रीय सलामी दी गई।
सैनिकों ने अपने साथी को दी विदाई।सैनिकों ने अपने साथी को दी विदाई।
उनकी अंतिम विधि शहर के माणेकबाई सुखधाम श्मशान में की गई।उनकी अंतिम विधि शहर के माणेकबाई सुखधाम श्मशान में की गई।
अंतिम विदाई के क्षण।अंतिम विदाई के क्षण।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..