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सास-ससुर ने निभाया माता-पिता का फर्ज, बहू काे बनाया IAS आफिसर

ममता हरेशभाई पोपट ने यूपीएससी परीक्षा में 45 वीं रेंक प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया है।

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 05:00 PM IST
परिवार के सहयोग के बिना यह उपलब्धि बहुत मुश्किल थी। परिवार के सहयोग के बिना यह उपलब्धि बहुत मुश्किल थी।

केशोद। अमूमन यही होता है कि बेटी जब ससुराल में आती है, तो चाहकर भी वह अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाती। ससुराल में जिम्मेदारियों के चलते वह इतनी उलझ जाती है कि पढ़ाई के लिए उसे वक्त ही नहीं मिलता। पर इस झूठा साबित किया है ममता के ससुराल वालों ने। सास-ससुर ने अपनी पुत्रवधू को पढ़ाई के लिए काफी वक्त दिया। उसी का परिणाम है कि आज बहू आईएएस अफसर बन गई है। यूपीएससी की परीक्षा में 45 वीं रेंक…

ममता ने यूपीएससी की परीक्षा में 45 वीं रेंक प्राप्त कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है। उसका जन्म केशोद में 1988 में हुआ। हरेश भाई पोपट की एकमात्र बेटी ममता को खूब लाड़-प्यार से पाला। कक्षा पहली से 7 वीं तक उसने केशोद में ही पढ़ाई की7 उकसे बाद 8 से 12 तक की पढ़ाई डीडीएल स्कूल में की। इसके बाद अहमदाबाद की सेंट जेवियर्स कॉलेज से केमेस्ट्री विषय के साथ बीएससी किया। इसके बाद जीएलएस में मार्केटिंग विषय पर गोल्ड मेडल के साथ एमबीए किया।

लग गई नौकरी

गांधीनगर में जीआईडीसी में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में उसकी नौकरी लग गई। इस दौरान वह उच्चस्तर के अधिकारियों के सम्पर्क में आई, तब स्पीपा की परीक्षा पास की, इसके बाद प्रोफेसर की नीट की परीक्षा भी पास की। नौकरी के साथ-साथ वह यूपीएससी की परीक्षा दी, पर इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली। पर दूसरे प्रयास में उसने 45 वीं रेंक प्राप्त की।

2011 में हार्दिक से हुई शादी

2011 में ममता की शादी हार्दिक हीरपरा से हुई। उसके बाद सास-ससुर और पति के प्रोत्साहन से ममता ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्हीं के सहयोग से उसने कामयाबी हासिल की। बहरहाल वह कलेक्टर की ट्रेनिंग कर रही हैं। उनके माता-पिता अभी अपनी बेटी से नहीं मिल पाए हैं, क्योंकि वे अभी दुबई प्रवास पर हैं। ममता स्वीकारती हैं कि ससुराल में पति और सास-ससुर सहयोग न करते, तो यह कामयाबी मिलनी मुश्किल थी। सास-ससुर ने मेरे माता-पिता की भूमिका बहुत ही शिद्दत से निभाई।

पति हार्दिक के साथ ममता। पति हार्दिक के साथ ममता।
शादी के बाद सास-ससुर और पति के प्रोत्साहन से यह कामयाबी हासिल की। शादी के बाद सास-ससुर और पति के प्रोत्साहन से यह कामयाबी हासिल की।
हमारी बेटी बचपन से ही होशियार है। हमारी बेटी बचपन से ही होशियार है।
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परिवार के सहयोग के बिना यह उपलब्धि बहुत मुश्किल थी।परिवार के सहयोग के बिना यह उपलब्धि बहुत मुश्किल थी।
पति हार्दिक के साथ ममता।पति हार्दिक के साथ ममता।
शादी के बाद सास-ससुर और पति के प्रोत्साहन से यह कामयाबी हासिल की।शादी के बाद सास-ससुर और पति के प्रोत्साहन से यह कामयाबी हासिल की।
हमारी बेटी बचपन से ही होशियार है।हमारी बेटी बचपन से ही होशियार है।
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