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ऊना कांड: 300 के बजाए केवल 12 लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म

कार्यक्रम में ऊना शहर या तहसील का एक भी दलित या स्थानीय नेता मंच पर नहीं दिखाई दिया।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 30, 2018, 02:07 PM IST

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    समढीयाण में आयोजित हुआ बौद्ध धर्म दीक्षा महोत्सव

    ऊना। डेढ़ साल पहले यहां के समढीयाणा गांव में दलित परिवार को गौरक्षकों ने बेहरमी से मारा था। इसका वीडियो वायरल होते ही देश भर में हाहाकार मच गया था। पर अब डेढ़ साल बाद उसी ऊना का समढियाणा गांव एक बार फिर चर्चा में है। यहां पीड़ित परिवार के 12 सदस्यों ने बुद्ध पूर्णिमा पर हिंदू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म स्वीकार किया। पहले यह घोषणा की गई थी कि 300 लोग बौद्ध धर्म अंगीकार करेंगे, पर यह अफवाह निकली। केवल 12 लोगों ने ही किया बौद्ध धर्म अंगीकार…

    जिन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया, उनमें बालुभाई सरवैया, कुंवरबेन बालुभाई सरवैया, वसरामभाई बालुभाई सरवैया, मनीषाबेन वसरामभाई सरवैया, सोनलबेन रमेशभाई सरवैया, बेचरभाई उगाभाई सरवैया, देवशी भाई काला भाई बाबरिया, अरजणभाई वीराभाई बांभणीया, हंसाबेन बेचरभाई सरवैया, कालाभाई जेठाभाई सरवैया और रमेश भाई बाबूभाई सरवैया का समावेश होता है।

    200 से अधिक पुलिस जवान रहे तैनात

    ऊना कांड की घटना और 300 परिवारों के धर्म परिवर्तन के दावे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गिर-सोमनाथ के एसपी जोइसर, 3 डीएसपी, 3 पुलिस इंस्पेक्टर, 12 पुलिस सब इंस्पेक्टर, 115 पुलिस कर्मचारी और 65 एसआरपी सहित 200 जवानों को तैनात किया गया था।

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    ऊनाकांड के पीडि़तों ने अपनाया बौद्ध धर्म।
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    कार्यक्रम में ऊना शहर या तहसील का एक भी दलित या स्थानीय नेता मंच पर नहीं दिखाई दिया।
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