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पानी के लिए दीवार पर चढ़ी महिलाएं, शंखेश्वर: गड्ढे में उतरे लोग

गांव के लोग जान जोखिम में डालकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हो रहे हैं।

Danik Bhaskar | Apr 23, 2018, 05:07 PM IST
पानी के लिए लगी भीड़। पानी के लिए लगी भीड़।

जूनागढ़ / पाटण | जूनागढ़ में प्राणी संग्रहालय सक्करबाग के पार्किंग के सामने स्थित वाढ़व में से पानी भरने के लिए महिलाओं की कतार लगती है। इस पानी के लिए लगी कतार में महिलाओं के बीच प्रति दिन छोटा-मोटा विवाद हो जाता है। ये महिलाएं जूनागढ़ के रामदेवपरा इलाके की है। जिनका इलाका महानगर पालिका के वार्ड क्रमांक 3 में शामिल होता है। जान जोखिम में डालकर जमा करते हैं पानी….

यहां के लोगों का कहना है कि महानगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति अनियमित की जा रही है। जिसके चलते महिलाओं को पानी के लिए कई परेशानियां झेलनी पड़ रही है। करीब 800 जनसंख्या वाले रामदेव परा गांव की महिलाएं पानी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर दीवार पर चढ़कर पानी भरने को मजबूर हो रही हैं। पाटण जिले के शंखेश्वर के मंकोडिया गांव के लोग तालाब में खुदाई किए गए गड्ढे में एकत्रित हुआ पानी भरकर ले जा रहे हैं। तालाब सूख जाने के बाद पानी के लिए गांव के लोगों ने तालाब में ही कामचलाऊ कुआं जैसे गड्ढा खोद लिया है। इस गड्‌ढों की दीवारों के झरनों से बूंद-बूंद पानी निकलता है। रात भर बूंद-बूंद से एकत्रित हुए पानी के लिए गांव के लोग जान जोखिम में डालकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हो रहे हैं। पानी भरने के लिए महिलाएं भी इस गड्ढे के किनारे पर बनाए गए लकड़ियों पर खड़ी रहकर बाल्टी से पानी भरती हैं।

इस तरह से जान जोखिम में डालते हैं लोग। इस तरह से जान जोखिम में डालते हैं लोग।