भतीजे से प्यार करती थी 'बुआ', करना चाहती थी शादी, कहा था- भगा ले चलो या फिर मार दो, दूसरे ऑप्शन पर चला गया प्रेमी

Bhaskar News | Sep 12,2018 12:36 PM IST

चिड़ावा (राजस्थान)। 18 वर्षीय पूजा मेघवाल का शव संदिग्धावस्था में मिला। वह सुलताना के निजी कॉलेज में पढ़ती थी। उसका शव घर के पीछे खेत में पेड़ से लटका मिला। हाथ पीठ के पीछे चुन्नी से बंधे थे और गले पर रस्सी, सीने और दाहिने कान के पास चोट के निशान थे।

16 साल का किशोर 10 साल की लड़की को झारखंड से भगाकर सूरत ले आया

Dainikbhaskar.com | Sep 11,2018 16:15 PM IST

सूरत। यहां रेल्वे स्टेशन सुबह आरपीएफ ने दो नाबालिगों को देखा, इसमें एक 16 साल का लड़का था, उसके साथ 10 साल की लड़की थी। दोनों कुछ बदहवास थे, इससे उन पर शक हुआ। पूछताछ में पता चला कि लड़का उस लड़की को झारखंड से भगाकर सूरत लाया है।

न घर और न ही गैस कनेक्शन, ऐसी दयनीय हालात में जीने को मजबूर है देश को वर्ल्ड कप दिलाने वाला ये ब्लाइंड क्रिकेटर

Bhaskar News | Sep 11,2018 16:03 PM IST

वांसदा (गुजरात)। जिस ब्लाइंड क्रिकेटर ने भारत को वर्ल्ड कप दिलाया था। आज सरकार इस वर्ल्ड चैम्पियन के साथ ब्लाइंड जैसा ही व्यवहार कर रही है। खेल मंत्री और भाजपा नेता खिलाड़ी के घर जाकर अपना स्वागत कराए थे। मंत्री द्वारा खिलाड़ी के लिए कोई घोषणा न किए जाने से ग्रामीणों में रोष है। खिलाड़ी का परिवार आज भी आवास, गैस कनेक्शन से वंचित है। वांसदा तहसील के खाटा गांव में रहने वाले ब्लाइंड क्रिकेटर नरेश तुमडा और उसकी टीम ने 21 जनवरी 2018 को ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीता था।

गिरने से बच्ची को आई चोट, नर्स ने कहा- पहले लीगल केस की फॉर्मेलिटी होगी फिर इलाज, इसके बाद सिस्टम ने ऐसे घुमाया कि पिता को आ गया रोना...

Bhaskar News | Sep 10,2018 17:23 PM IST

सूरत। सिविल अस्पताल में मरीजों को छोटे-मोटे इलाज के लिए घंटोंं परेशान होना पड़ता है। इसका एक उदाहरण शनिवार की देर रात देखने को मिला। जब ट्रॉमा सेंटर में मेडिको लीगल केस (एमएलसी) की औपचारिकता के कारण एक तीन साल की बच्ची को इलाज के लिए घंटो इंतजार करना पड़ा। बच्ची को गिरने की वजह से मुंह में चोट लगी थी। होंठ फट गया था। इलाज के लिए पिता उसे सिविल लाया, लेकिन मामला दुर्घटना का होने की बात कहकर डॉक्टर ने कहा कि बच्ची का एमएलसी जरूरी है। जिस डॉक्टर को एमएलसी केस करना था वह रेप के एक केस में पकड़े गए डॉ. प्रफुल्ल दोषी के केस में व्यस्त था। ऐसे में बच्ची की दो घंटे तक एमएलसी नहीं हुई। किसी तरह एमएलसी हुई भी तो ट्रॉमा सेंटर में इलाज करने वाले डॉक्टर ही नहीं थे।