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मां ने रोते हुए सुनाई आपबीती- कहा 100 मी. दूर था अस्पताल लेकिन बेटे को ले गए 1 किमी दूर

7 इंस्ट्रक्टर, 45 लोग लेकिन किसी ने नहीं देखा...और डूब गया 13 साल का हर्ष

Bhaskar News | Last Modified - May 19, 2018, 08:27 AM IST

  • मां ने रोते हुए सुनाई आपबीती- कहा 100 मी. दूर था अस्पताल लेकिन बेटे को ले गए 1 किमी दूर
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    मृतक हर्ष

    सूरत.कापडिया हेल्थ क्लब के स्वीमिंग पूल में डूबकर जान गंवाने वाले 13 साल के हर्ष पोद्दार की मां ने इंस्ट्रक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस को दी शिकायत में पूजाबेन पोद्दार ने कहा है कि हर्ष को स्वीमिंग पूल से निकालने के बाद भी इंस्ट्रक्टर करीब 15 मिनट तक यह निर्णय ही नहीं ले पाए कि उसे किस अस्पताल में ले जाना है। इंस्ट्रक्टर फोन पर बात करते रहे कि उसे कहां ले जाना है। पूजाबेन जब चिल्लाई कि हर्ष को इलाज के लिए ले चलो तो इंस्ट्रक्टर किसी नजदीकी अस्पताल में ले जाने की बजाय सिविल अस्पताल में ले गए।

    स्वीमिंग पूल से 100 मीटर की दूरी पर ही निजी अस्पताल था, लेकिन हर्ष को 1 किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल ले जाया गया। अगर समय पर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया होता तो शायद हर्ष आज जिंदा होता। पूजाबेन ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें पता नहीं कि हर्ष के शरीर पर फ्लोटर बांधने की जरूरत थी कि नहीं, लेकिन इंस्ट्रक्टरों ने यह निर्णय लिया था कि हर्ष को बिना फ्लोटर के तैरने देना है।

    पिता बोले- जांच में लापरवाही बरत रही पुलिस

    हर्ष के पिता पिंकेश पोद्दार ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने पहले तो शिकायत दर्ज करने में देरी की, उसके बाद अब मामले की जांच करने में भी लापरवाही बरत रही है। हर्ष कापडिया हेल्थ क्लब के स्वीमिंग पूल में डूबा था, इसलिए वहां के इंस्ट्रक्टरों के नाम पुलिस को शिकायत में लिखना चाहिए।

    पुलिस कापडिया हेल्थ क्लब के मालिक से पूछकर इंस्ट्रक्टरों के नाम शिकायत में दर्ज कर सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। किसी भी इंस्ट्रक्टर का नाम शिकायत में नहीं डाला। उन्होंने कहा कि अब पुलिस मामले की जांच में क्या कर रही है, यह भी नहीं बता रही है। इस बात को लेकर हर्ष के माता-पिता परेशान हैं।

    इंस्ट्रक्टरों की चार लापरवाही, जिससे गई हर्ष की जान

    1 शरीर पर फ्लोटर नहीं बांधा


    पूजाबेन ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अपने दोनों बेटे हर्ष और देवांश को स्वीमिंग सिखाने के लिए बुधवार को कापडिया क्लब लेकर गई थीं। देवांश को फ्लोटर बांधा, लेकिन हर्ष के शरीर पर फ्लोटर ही नहीं बांधा।

    2 अकेला तैरने को छोड़ दिया


    देवांश जहां तैराकी सीख रहा था, वहां पानी में दो-तीन इंस्ट्रक्टर मौजूद थे, जबकि हर्ष के पास कोई भी नहीं था। पूजाबेन ने इंस्ट्रक्टरों से कहा कि हर्ष नहीं दिख रहा है तो दो इंस्ट्रक्टर पानी में कूदे और हर्ष को बाहर निकाल कर ले आए।

    3 प्राथमिक उपचार नहीं दिया


    हर्ष को पूल से बाहर निकालने के बाद इंस्ट्रक्टर उसके पेट से पानी निकालने लगे, लेकिन प्राथमिक उपचार नहीं दिया। पूजाबेन ने कहा कि जल्दी अस्पताल ले चलो, पर इंस्ट्रक्टर फोन पर बात करने में वक्त बर्बाद करते रहे।

    4 इलाज में 15 मिनट देर कर दी


    पूजाबेन जोर से चिल्लाई और इंस्ट्रक्टरों से हर्ष को नजदीकी अस्पताल में ले चलने को कहा। एक इंस्ट्रक्टर के कहने पर किसी की गाड़ी से हर्ष को सिविल अस्पताल ले जाया गया। करीब 15 मिनट बर्बाद हो गए, जो बेहद महत्वपूर्ण थे।

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    भाई हर्ष को माला पहनाता हुआ छोटा भाई देवांस।
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