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विरोध ऐसा कि नहा लिए दूध से फिर सड़क पर बहा दिया 18 हजार लीटर दूध

डेयरी द्वारा सभासदों से एक निर्धारित फॉर्मेट में शपथ पत्र मांगा गया है।

Danik Bhaskar | Apr 22, 2018, 04:23 AM IST
दूध से नहाते हुए लोग। दूध से नहाते हुए लोग।

आणंद (सूरत). यहां सोजित्रा में शनिवार को दुग्ध उत्पादकों ने 18000 लीटर दूध बहा कर अपना विरोध दर्ज करवाया। वजह, शनिवार को एकाएक लगा नोटिस। इस नोटिस में कहा गया कि डेयरी द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में 20 रुपए के स्टांप पर जो सदस्य शपथपत्र नहीं देंगे-उनका दूध मंडली में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कदम के विरोध में सोजित्रा गांव की दुग्ध उत्पादक मंडली के सदस्यों ने दूध बहाया।

- मंडली सदस्य परेशभाई पटेल का दावा है कि- दूध मंडली के नए-नए फतवों के खिलाफ हमारा विरोध है।
- इस मंडली में हर दिन 200 लोग दूध बेचने जाते हैं। कुछ सालों से संचालक बार-बार नियम बदल रहे हैं।
- इस वजह से मंडली का रख-रखाव-संचालन प्रभावित हो रहा है।

शपथपत्र मांगने से बिफरे

- डेयरी द्वारा सभासदों से एक निर्धारित फॉर्मेट में शपथ पत्र मांगा गया है। 20 रुपए के स्टंप पर इस शपथपत्र में सभासदों को दूध में अनियमितता नहीं करने, तोलमाप और कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार न करने संबंधी आश्वासन मांगे गए हैं।
- डेयरी के सदस्य इस कदम का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि ऐसा शपथ पत्र आणंद जिले में एक भी डेयरी ने नहीं मांगा है। यही मंडली इस बात पर जोर दे रही है।

पूरा 18000 लीटर दूध सड़क पर फेंक दिया। पूरा 18000 लीटर दूध सड़क पर फेंक दिया।