--Advertisement--

भानूभाई आत्मदाह मामला: 50 घंटे बाद भी नहीं उठाया शव प्रदर्शन करते 1500 हिरासत में

मुद्दे पर आत्मदाह करने वाले भानूभाई वणकर की मौत के 50 घंटे के बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है।

Danik Bhaskar | Feb 19, 2018, 07:01 AM IST

गांधीनगर/पाटण. दलितों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर आत्मदाह करने वाले भानूभाई वणकर की मौत के 50 घंटे के बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। उत्तर गुजरात में कई जगहों पर दलित समाज ने चक्काजाम कर दिया। इसके बाद गांधीनगर आैर अहमदाबाद में विधायक जिग्नेश मेवाणी सहित 1500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।


डीसा के बनास पुल के पास रविवार दोपहर दलित सेना ने टायर जलाकर नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। महेसाणा के सोमनाथ रोड हाइवे सर्कल के पास भी दलित समाज के युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा ऊंझा हाइवे पर दलित समाज के लोग थाली-बेलन लेकर पहुंच गया। दूसरी ओर सरकार ने दो आईएएस और दो आईपीएस का प्रतिनिधिमंडल भेजकर भानूभाई के परिजनों के साथ बैठक कर सभी मांगे स्वीकार किए जाने का लिखित भरोसा दिया था और समाधान के लिए समझाया था। लेकिन देर रात परस्पर चर्चा का दौर जारी रहा। इधर, सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर हंगामा होने के आसार हैं।

मृतक का भाई बोला- हमारी मांगें नहीं मानी तो और भी दलित करेंगे आत्मदाह

इस मामले में मृतक के भाई मनोज मेऊआ ने बताया कि सरकार के साथ समाधान होने की बात गलत है। सरकार द्वारा जब तक सभी मांगे लिखित में विश्वास नहीं दिलाएगी और जिग्नेश मेवाणी सहित हमारे लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक समाधान नहीं होगा। सरकार जल्द मांगे नहीं स्वीकार करेगी तो समाज के अन्य लोग भी देहत्याग करने का मार्ग अपनाएंगे, उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मनोज मेऊआ ने बताया कि उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल इस साफ करें कि सरकार द्वारा कौन-कौन सी मांग स्वीकार की है और उसका लिखित सबूत कहां है।

भानूभाई की पत्नी की तबीयत बिगड़ी

भानूभाई की पत्नी की तबीयत रविवार को अचानक खराब होने से उनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। पिछले चार दिनों से इंदूबेन अन्न जल का त्याग अनशन पर बैठी हुई हैं। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था। हालांकि इस समय उनकी हालत स्थिर होने की जानकारी मिली है।