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गुजरात: 5 से 7 बार विधायक बने पर कभी न बन सके मिनिस्टर

वित्त मंत्रालय देकर नितिन पटेल को तो मना लिया बाकी के रूठे विधायकों को कैसे मनाएगी? सरकार के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 03, 2018, 07:18 AM IST

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    डाॅ. नीमाबेन आचार्य। सीट: भुज

    अहमदाबाद. विजय रूपाणी के नेतृत्व में प्रदेश में नई सरकार बनी है। रूपाणी सरकार के मंत्रिमंडल की बात करें तो इसमें कई नए तो कई बहुत पुराने चेहरे हैं। इतना ही नहीं, सीनियर को राज्यसभा और जूनियर को कैबिनेट में मंत्री बनाने से विधायकों में नाराजगी है।

    - विभागों के आवंटन में वित्त विभाग न मिलने से उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल पहले ही नाराज हो गए थे।

    - आलाकमान ने वित्त मंत्रालय देकर नितिन पटेल को तो मना लिया बाकी के रूठे विधायकों को कैसे मनाएगी? सरकार के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है।

    डाॅ. नीमाबेन आचार्य : 6 टर्म से चुनी जाती रहीं हैं

    कमजोर पक्ष : कांग्रेस से भाजपा में आने के कारण पार्टी में कोई पकड़ नहीं है।
    मजबूत पक्ष : गायनेकोलॉजिस्ट हैं, महिला उत्थान के कार्यों से लोक नेता की छवि बनी है।

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    योगेश पटेल। सीट: मांजलपुर

    7 टर्म से चुने जाते रहे हैं

    कमजोर पक्ष :जनता दल, भाजपा और कांग्रेस से चुने गए। हाल में भाजपा में होने के बावजूद पार्टी का कार्यकर्ता नहीं माने जाते।
    मजबूत पक्ष : मेनका गांधी के करीबी माने जाते हैं

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    केशूभाई नाकराणी । सीट: गारियाधार

    6 टर्म से चुने जाते रहे हैं

    कमजोर पक्ष :केशूभाई पार्टी में अब तक कोई खास प्रभाव नहीं जमा पाए हंै।
    मजबूत पक्ष : स्वच्छ छवि वाले नेता हैं और समाजसेवा के साथ-साथ पाटीदारों का सफल नेतृत्व करते हैं।

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    जेठा भरवाड़। सीट : सेहरा

    5 टर्म से चुने जाते रहे हैं

    कमजोर पक्ष : साबरमती कांड से लेकर अश्लील क्लीपिंग देखने का आरोप। दागी नेता की छवि।
    मजबूत पक्ष : डेरी क्षेत्र में प्रभुत्त। प्रधानमंत्री मोदी के नजदीकी माने जाते हैं।

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    बाबू जमना पटेल । सीट : दस्क्रोई

    4 टर्म से चुने जाते रहे हैं

    कमजोर पक्ष : जमीन हड़पने के कई आरोप लग चुके हैं।
    मजबूत पक्ष : पाटीदारों का प्रतिनिधित्व और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के करीबी हैं।

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    मधु श्रीवास्तव । सीट : वाघोड़या

    6 टर्म से चुने जाते रहे हैं

    कमजोर पक्ष : फायरिंग से लेकर धमकी देने का आरोप लगने के कारण दागी विधायक की छवि
    मजबूत पक्ष : मधु श्रीवास्तव की छवि ‘स्ट्रॉग मैन’ के रूप में है।

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    पबुभा माणेक । सीट : द्वारका

    7 टर्म से चुने जाते रहे हैं

    कमजोर पक्ष :जाति और अपने विधानसभा क्षेत्र के अलावा कमजोर पकड़। पार्टी में कोई खास प्रभुत्व नहीं है।
    मजबूत पक्ष : क्षत्रिय वाघेर जाति का नेतृत्व, लगातार 1990 से चुनाव जीत रहे हैं।

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Web Title: 5 To 7 Times Became Mla But Could Not Become Minister In Gujarat
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