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चलती ट्रेन से छीनते थे मोबाइल, पुलिस पेट्रोलिंग हटाने के लिए पहले पत्थर फेंके

गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस मामले में एक और आरोपी पकड़ा

Danik Bhaskar | Mar 22, 2018, 05:01 AM IST

सूरत. पिछले हफ्ते शनिवार देर रात गोल्डन टेंपल मेल को पलटाने की साजिश में आरपीएफ ने बुधवार सुबह एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार रात को पकड़े गए पहले आरोपी जुबेर ने रेलवे पुलिस की सख्ती के बाद बताया कि 45 किलो वजनी रेल पटरी रखने में सलमान शेख ने उसकी मदद की थी, जिसके बाद आरपीएफ जीआरपी की जॉइंट टीम ने उसे सर्विलांस के आधार पर धर दबोचा। दोनों आरोपी महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले हैं। दोनों दो साल पहले सूरत आए थे, ये मीठी खाड़ी लिंबायत के इंदिरा वसाहत गली नंबर 4 में रहते थे। दोनों लेबर का काम करते थे और उधना रेल ट्रैक किनारे श्मशान में बैठकर केमिकल और गांजा का नशा करते थे। आरोपियों ने बताया कि हमने ट्रैक पर पटरी रखी थी, ताकि रेलवे पुलिस की गश्त श्मशान किनारे ट्रैक से हटा ली जाए।


पैसे खत्म हुए इसलिए की साजिश

रेलवे पुलिस अधीक्षक शरद सिंघल ने बताया कि ये दोनों ट्रैक किनारे फटका मार के रूप में ट्रेन धीमी होने पर यात्रियों से मोबाइल छीन लेते थे। इसके अलावा ट्रेन धीमी होती तो अंदर घुस जाते और चार्जिंग पर लगे मोबाइल को चुराते थे। इनसे चार मोबाइल बरामद हुए हैं। ये केमिकल और गांजा का नशा करते थे, लेकिन कुछ दिन से जीआरपी आरपीएफ की गश्त श्मशान किनारे ट्रैक पर बढ़ा दी गई। जिससे इनका धंधा प्रभावित हुआ और पैसे आने बंद हो गए, इसीलिए गश्त टीम का ध्यान भटकाने के लिए श्मशान से थोड़ी दूर 45 किलो वजनी रेल पीस का कबाड़ रख दिया। दोनों को लगा कि ऐसा करने से पेट्रोलिंग टीम वहां ड्यूटी करेगी और श्मशान वाले ट्रैक पर फिर से वे चोरी कर सकेंगे।

एक महीने पहले आरपीएफ को बनाया था निशाना

पुलिस अधीक्षक सिंघल ने बताया कि पिछले महीने सलमान ने आरपीएफ पेट्रोलिंग टीम पर पत्थरबाजी की थी। कई महीनों से ट्रेनों पर भी पत्थर फेंके जाते थे। दोनों ने अब तक कितने मोबाइल चोरी किए हैं और कहां बेचते हैं, इसकी जांच हो रही है। ट्रैक पर इनके साथ और कितने ऐसे हैं, जल्द इसका भी खुलासा करेंगे।

उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरों के लिए हो रहा सर्वे
उधना-सूरत के बीच मीठी खाड़ी, श्मशान और भीमनगर जैसे संवेदनशील प्वॉइंट पर ट्रैक किनारे उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके लिए सर्वे शुरू किया जा रहा है। पहले पांच कैमरे और उसके बाद इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। सिंघल ने बताया कि सूरत और उधना में 8 करोड़ कीमत के 84 सीसीटीवी कैमरे के लिए प्रस्ताव जीएम को भेजा है। ये कैमरे अत्याधुनिक होंगे। सूरत के एंट्री एक्जिट और पार्सल ऑफिस के पास लगाए जाएंगे।

75 नए जीआरपी जवान होंगे नियुक्त
सिंघल ने बताया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 20 जवान नियुक्त किए हैं, 55 और नियुक्त होंगे। इनकी तैनाती ट्रैक किनारे, किम-कोसंबा सेक्शन, उत्कल नगर, उत्राण, उधना-सूरत के बीच मीठी खाड़ी और प्लेटफार्म पर होगी। इससे इन घटनाओं पर बारीकी से नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा बाउंड्री वाल पर सहमति बन रही है। उधना-सूरत के बीच ऐसे स्थान पर ट्रैक किनारे दीवार बनाई जाएगी। जीआरपी आरपीएफ के बंकर होंगे।

पुराने आदेश पर होगा अमल: हटाएंगे बेकार पड़ा स्क्रैप
सिंघल ने बताया कि सूरत-उधना के बीच ट्रैक किनारे बेकार पड़े रेल पटरी, स्लीपर्स हटाए जाएंगे। उधना में भी हजारों टन स्क्रैप हटाएंगे। उल्लेखनीय है कि फरवरी में जीएम ने बड़ी मात्रा में ट्रैक किनारे और स्टेशन पर पड़े स्क्रेप देखकर नाराजगी जताई थी। अब इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।