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रेप का आरोपी मुनि यूं हुआ कोर्ट में पेश, रंगीन चटाई समेत ये हैं अहम सबूत

स्टूडेंट से रेप के आरोपी शांति सागर की चार्जशीट सबसे पहले भास्कर में

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2018, 03:09 AM IST
पेशी के दौरान आरोपी मुनि ने लड पेशी के दौरान आरोपी मुनि ने लड

सूरत. वडोदरा की 19 साल की स्टूडेंट से रेप मामले में आरोपी शांति सागर का केस बुधवार को निचली कोर्ट से सेशन कोर्ट में चला गया। चार्जशीट के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में जिस्मानी रिश्ते बनाने की बात कंफर्म हुई है, लेकिन वारदात के 13 दिन बाद एफआईआर होने के कारण मौके से सीमन के सबूत नहीं मिल पाए। सभी 5 साइंटिफिक सबूतों को एफएसएल में जांच के लिए भेजा गया है। पेशी के दौरान आरोपी मुनि ने कहा कि देश में एक मिशनरी है जो धर्म की अस्मिता तोड़ना चाहती है। उस लड़की की ग्वालियर में दो होटल क्यों बंद हुईं थीं, इसकी जांच होनी चाहिए।

ये हैं 5 अहम सबूत

1. घटनास्थल से रंगीन चटाई बरामद की ।
2. मुनि का सफेद रंग का मोबाइल फोन बरामद किया था।
3. लड़की के कपड़े भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं।
4. जैन मंदिर से पंचों के सामने बरामद किया गया सीसीटीवी का डीवीआर।
5. लड़की के भाई द्वारा दिया गया आई फोन।

जिस्मानी रिश्ते बनाने में सक्षम है अारोपी और लड़की के साथ रिश्ते बने थे

- मामले की जांच कर रहे पुलिस अफसर के मुताबिक, आरोपी शांति सागर ने बहाने से लड़की की अश्लील तस्वीरें वाॅट्सएेप से मंगवाई थीं। वे तस्वीरें, शांति सागर की लड़की से मोबाइल पर बातचीत और शांति सागर के सीमन के नमूने फोरेंसिक लैब में भेजे गए हैं।

- चार्जशीट में सबसे अहम सबूत है सिविल अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट। जिसके मुताबिक शांति सागर जिस्मानी रिश्ते बनाने के लिए सक्षम है और लड़की के साथ रिश्ते बने थे। सिविल के डॉक्टर के सामने शांति सागर ने खुद कबूल किया था कि लड़की से रिश्ते बने थे।

- 13 अक्टूबर को मामला दर्ज होने के दूसरे दिन ही पुलिस ने जैन उपाश्रय के पास वाले कमरे का पंचनामा किया था। एक अक्टूबर को इसी कमरे में मुनि कथित रेप किया था।

12 दिन बाद हुए लड़की अौर 24 दिन बाद पिता के बयान

पुलिस ने लड़की के सीआरपीसी 164 के तहत बयान FIR दर्ज होने के 12 दिन बाद 25 अक्टूबर को सिविल कोर्ट में कराए। इसके अलावा लड़की के पिता के बयान भी 24 दिन बाद 7 दिसंबर को कराए गए।

अहम सबूतों में से एक की भी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली

- जैन मुनि शांति सागर द्वारा एक स्टूडेंट से रेप करने के मामले में पुलिस ने तय समय सीमा 90 दिन पूरे होने से पहले कोर्ट में चार्जशीट तो पेश कर दी। चार्जशीट पेश करना जरूरी था, वरना आरोपी जमानत के लिए मजबूत दलील दे सकता था।

- हालांकि, मामले में जो 5 अहम सबूत, जो विक्टिम को इंसाफ दिलवाने में ताकतवर हथियार साबित होंगे, उनमें से एक भी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में यह चार्जशीट आधी-अधूरी ही कही जा सकती है। एफएसएल से रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस सप्लीमेंट चार्जशीट पेश कर सकती है।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें शांति सागर ने कहा था- सर्किल से बाहर नहीं आना...

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