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जाति प्रमाणपत्र गलत हुआ तो 6 माह से 3 साल तक की सजा, गुजरात विधानसभा में नियमन विधेयक पारित

एससी, एसटी और ओबीसी जाति प्रमाणपत्र नियमन विधेयक के तहत सरकारी नौकरी वालों के दस्तावेज जांचने के लिए गठित होगी नई कमेटी।

Danik Bhaskar | Mar 29, 2018, 02:55 AM IST
िधानसभा सत्र के अंतिम दिन परित िधानसभा सत्र के अंतिम दिन परित

गांधीनगर. अब सरकारी नौकरियों में एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवार की नियुक्ति होते ही उनके जाति प्रमाण-पत्र की जांच होगी। जांच के दौरान जाति प्रमाण-पत्र गलत पाए जाने पर उम्मीदवार को नौकरी नहीं मिलेगी। विधानसभा सत्र के अंतिम दिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र बनाने और उसकी जांच से संबंधित विधेयक सर्व सम्मति से पारित किया।

गलत जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने वाले की सदस्यता खत्म

नए कानून के मुताबिक, किसी भी शिक्षा संस्थान में गलत जाति प्रमाण-पत्र से हुअा प्रवेश भी रद्द होगा और साथ ही साथ उम्मीदवार भी डिग्री भी जब्त कर ली जाएगी। इतना ही नहीं, गलत जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने वाले की सदस्यता खत्म हो जाएगी। जाति प्रमाण-पत्र गलत साबित होने पर उम्मीदवार को छह महीने से 3 साल तक की सजा और 1 हजार से 50 हजार तक जुर्माना होगा।

जांच के लिए समिति गठित होगी

गलत जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर ली गई शिक्षावृत्ति, पगार जैसे लाभ को उम्मीदवार से वसूला जाएगा। जाति प्रमाण-पत्र की जांच के लिए समिति गठित होगी। आदिवासी विकास मंत्री गणपतसिंह वसावा ने बताया कि आदिवासियों के हक के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है।

अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले किस जाति में शामिल?

विधेयक की चर्चा में शामिल भाजपा विधायक जेठा भरवाड़ ने कहा कि धर्म परिवर्तन करने वालों को जाति प्रमाण-पत्र का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर कांग्रेस के पुंजा वंश ने कहा कि अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वालों को किस जाति में शामिल किया जाए यह भी स्पष्ट होना चाहिए। अन्यथा आने वाले दिनों में यह मुद्दा काफी पेचीदा बन जाएगा।

पहली बार बतौर कांग्रेस अध्यक्ष सदन में पहुंचने पर अमित चावड़ा का स्वागत

- गुजरात प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष तथा आणंद जिले के आंकलाव के पार्टी विधायक अमित चावड़ा का बुधवार को विधानसभा में जबरदस्त स्वागत किया गया।

- उपमुख्यमंत्री तथा सतारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन पटेल ने चावड़ा का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी की तरह अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी युवा और सदन के सदस्य हैं। दोनों के सहयोग से राज्य की विकास यात्रा और तेज हो सकती है।

- उन्होंने यह भी कहा कि सदन ने देश को प्रधानमंत्री के अलावा सबसे बड़ी पार्टी (भाजपा) का अध्यक्ष और दो राज्यों का राज्यपाल (मध्य प्रदेश की आनंदीबेन पटेल और कर्नाटक के वजुभाई वाला) दिया है और अब दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी इसके सदस्य हैं। बजट सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के बाद सदन में उनके आने पर सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस दोनों के विधायकों ने उनका स्वागत किया।

महात्मा मंदिर का 4.58 करोड़ किराया बाकी
- महात्मा मंदिर में सरकारी-गैर सरकारी कार्यक्रम पूरा होने के बावजूद पिछले कई माह का किराया बाकी है। विधानसभा के प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक मोहनसिंह राठवा द्वारा पूछे गए सवाल में यह सामने आया। 2016 में 32 सरकारी और 21 गैर सरकारी कार्यक्रम हुए । 31 जनवरी 2018 तक महात्मा मंदिर में 58 सरकारी और 46 गैर सरकारी सहित कुल 104 कार्यक्रम हुए। जिसका किराया 12 करोड़ 25 लाख रुपए आंका गया । जिसमें से 1 करोड़ 45 लाख और वर्ष 2014-15 का 3 करोड़ 12 लाख रुपए बकाया है।

15 अप्रैल से फिर शुरू होगा ई-मेमो : प्रदीपसिंह जाड़ेजा
- गृहमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने कहा कि प्रदेश में 15 अप्रैल से ट्रैफिक ई-मेमाे सिस्टम शुरू होगा। नए सिस्टम में गलत ई-मेमो होने पर वाहन मालिकों को इसे रद्द करने की सुविधा भी दी जाएगी। ज्ञातव्य है कि जनवरी में तकनीकी खराबी के कारण गृहमंत्री ने ई-मेमो सिस्टम बंद करने की घोषणा की थी।

- मंत्री जाडेजा ने कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में 62 करोड़ के खर्च से 7361 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस कमिश्नर आफिस और एसपी आफिस से सभी पुलिस थानों की मॉनिटरिंग की जाएगी। सीसीटीवी रिकॉर्ड हुए फूटेज को 30 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा।