Hindi News »Gujarat »Surat» Action Against Gajera In The Bogus Document Case

बोगस दस्तावेज मामले में गजेरा के खिलाफ कार्रवाई के लिए 6 रिपोर्ट, लेकिन नहीं हुई सुनवाई

सुभाष-कांती के खिलाफ 2003 में मामला दर्ज, आरोपी से गजेरा ने कराए दस्तावेज

धीरेंद्र पाटिल | Last Modified - Mar 23, 2018, 04:23 AM IST

बोगस दस्तावेज मामले में गजेरा के खिलाफ कार्रवाई के लिए 6 रिपोर्ट, लेकिन नहीं हुई सुनवाई

सूरत. कोर्ट में फर्जी सबूत पेश कर 150 करोड़ रुपए की जमीन पर अपना मालिकाना हक साबित करने को लेकर गिरफ्तार वसंत गजेरा के खिलाफ एक और मामले में कार्रवाई हो सकती है। जिस सुभाष मुंशी ने वजुभाई को दस्तावेज बनाकर दिए, उसी ने कांती पटेल और कांती पटेल ने वसंत गजेरा को दस्तावेज बनाकर दिए थे। इसलिए वजूभाई ने सुभाष-कांती के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कोर्ट से मदद मांगी थी। कोर्ट के आदेश पर 26 फरवरी 2003 में सूरत क्राइम ब्रांच में सुभाष और कांती के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मामले में कांती पटेल फरार थे, तभी उन्होंने वसंत गजेरा के नाम से फिर से बोगस दस्तावेज तैयार कर दिए। इसी मामले में वसंत गजेरा को आरोपी बनाने के लिए वजूभाई ने पुलिस से कई बार अपील की थी।


वजूभाई के वकील डॉ. शैलेश-भाई ने बताया कि 2003 में सुभाष ने वजुभाई के नाम से दस्तावेज बनाने के बाद ठगी के इरादे से कांती पटेल के नाम दस्तावेज बना दिए। वजूभाई को इसका पता चला तो वे सुभाष और कांती के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कोर्ट गए। कोर्ट के आदेश पर क्राइम ब्रांच ने सुभाष और कांती के खिलाफ केस दर्ज किया।

वजूभाई ने गजेरा को मिलकर कहा कि यह जमीन उनकी है, इसलिए वे न खरीदें। वजूभाई ने 5 मार्च 2003 को कलेक्ट्रेट से लेकर सब रजिस्ट्रार, मामलतदार, प्रांत कचहरी, तलाटी में शिकायत दी थी। गजेरा ने 13 मार्च को कांतीभाई से जमीन के दस्तावेज अपने नाम करवा लिए। बिक्री दस्तावेज में जमीन के मालिकों का जिक्र 1958 से किया था। इसमें वजूभाई का कहीं नाम नहीं था।

इसमें बताया गया कि सुभाष से कांती और कांती से वसंत ने दस्तावेज बनाए। इसके लिए गजेरा ने सीमांत किसान का फर्जी प्रमाणपत्र अमरेली से बनाकर पेश किया। इसको लेकर शिकायत की गई है। गजेरा ने फिंगर प्रिंट की रिपोर्ट से सिद्ध कर दिया कि वजूभाई के दस्तावेज फर्जी हैं और उनके नाम की रजिस्ट्री रद्द करा दी। लेकिन, एफएसएस से साबित हुआ कि वजुभाई के दस्तखत सही हैं, इसलिए फिर से उनका नाम दर्ज कराया।

इसको लेकर तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने तत्कालीन कलेक्टर को पत्र भी लिखा था फिर से गजेरा की एंट्री रद्द की गई। 2005 में वजूभाई ने गजेरा के खिलाफ उमरा में शिकायत की। तब पीआई से लेकर डीसीपी साउथ तक ने रिपोर्ट दी कि गजेरा के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद 2012 में एसीपी ई डिवीजन विधि चौधरी ने गजेरा के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दी। लेकिन, कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर जिला न्यायालय में वजुभाई ने रिपोर्ट दी।

2 जनवरी 2017 को भी वजूभाई ने इसको लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वकील डॉ. शैलेश-भाई ने बताया कि पुलिस चाहे तो सुभाष और मुंशी के खिलाफ 2003 में क्राइम ब्रांच में जो मामला दर्ज हुआ है उस मामले में गजेरा को आरोपी बताकर उन्हें गिरफ्तार कर पूरक चार्जशीट की जा सकती है।

पुलिस की दलील: बयान देने तक नहीं आते, कोर्ट ने दिया गजेरा को 5 दिन की रिमांड पर

उमरा पुलिस ने गुरुवार दोपहर में वसंत गजेरा को कोर्ट में पेश किया। सरकारी वकील ने 10 दिन की रिमांड मांगी। लेकिन, कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड मंजूर की।

इसलिए मांगी गई रिमांड

01. न्यायिक प्रक्रिया में गजेरा ने फर्जी बिल रखे थे, मूल बिल बरामद करने हैं।

02. बोगस बिल बाउचर, बैलेंस शीट किससे और कब बनवाए।

03. बिल के लिए कौन से कम्प्यूटर का इस्तेमाल हुआ।

04. जिस श्री शिवशक्ति कृपा स्टोर्स के नाम से बिल हैं, उसकी जांच।

05. कोर्ट में पेश बैलेंस शीट और आईटी ऑफिस से मिली बैलेंस शीट की जांच।

06. फर्जी दस्तावेज बनाने में किस किस ने मदद की, इसकी जांच।

07. आरोपी अन्य अपराध में लिप्त रहा है कि नहीं और पूर्व इतिहास की जांच।

08. आरोपी के राजनीतिक रसूख हैं। जांच में सहयोग नहीं दिया। इसके पहले हुई शिकायतों में बयान दर्ज करवाने तक नहीं आए। इसलिए कस्टडी में रहना जरूरी।

मिलने आए पास नेता

पास नेता बुधवार को वसंत गजेरा से मिलने के लिए उमरा थाने में आए। लेकिन मिल नहीं पाए। गुरुवार को कोर्ट में पेश करते समय भी पास नेता अल्पेश कथीरिया, धार्मिक मालविया, पंकज सिद्धपरा उन्हें मिलने आए, लेकिन वहां भी गजेरा से नहीं मिल पाए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×