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चुनाव से पहले के फैसलों का असर, सरकार पर बढ़ेगा 15 हजार करोड़ का बोझ

इसे पूरा करने के लिए नए वित्त मंत्री को लोहे का चना चबाना होगा।

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 05:56 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

गांधीनगर. चुनाव से पहले सरकार ने 12 निर्णय ऐसे लिए हैं जिससे सरकारी तिजोरी पर सीधे 5 हजार करोड़ का बोझ बढ़ेगा। इसके अलावा फिक्स पगार दारों को जनवरी महीने में दिए जाने वाले लाभ से 1365 करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। आर्थिक मामलों के जानकारों के अनुसार जीएसटी के अमलीकरण के कारण भी सरकार पर बड़ा आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है। कुल मिलाकर नई सरकार पर 15 हजार करोड़ रुपए का बोझ बढ़ सकता है।

वित्त मंत्री का पद संभालने वाले के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी

- जीएसटी के अमलीकरण के बाद कई क्षेत्रों में सरकार को वेट से होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र की ओर से करने का प्रावधान किया गया है पर यह पर्याप्त नहीं है। केंद्र से राहत मिलने के बावजूद राज्य सरकार पर अंदाजन 8 हजार करोड़ का बोझ बढ़ सकता है। अन्य घोषणाओं से 7 हजार करोड़ की गणना करने से सरकार पर 15 हजार करोड़ का बोझ बढ़ सकता है।

- इसे पूरा करने के लिए नए वित्त मंत्री को लोहे का चना चबाना होगा। इसे पूरा करने के लिए सरकार को गहन चिंतन करने की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार नए वित्त मंत्री का कार्यभार सौरभ पटेल को सौंपा जा सकता है।

नितिन पटेल को वित्तमंत्री बनने में कोई रूचि नहीं
नितिन पटेल के वित्तमंत्री के कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार ने कई निर्णय लिए हैं। सरकार के निर्णय से तिजोरी पर बोझ बढ़ गया है। इस बार नितिन पटेल को वित्तमंत्री का कार्यभार संभालने में कोई रूचि नहीं है। नितिन पटेल को छोड़ दें तो कैबिनेट में कौशिक पटेल, भूपेंद्र चूड़ासमा और सौरभ पटेल काे शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो सौरभ पटेल को चुनौती भरा वित्तमंत्री का पद सौंपा जा सकता है।

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