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पिता के शव के साथ जागता रहा बेटा, सुबह 10वीं की परीक्षा दी, फिर लौटकर दिया अर्थी को कंधा

घर पर पिता का डेडबॉडी पड़ी थी लेकिन 10वीं के एक स्टूडेंट ने साइंस का एग्जाम नहीं छोड़ा।

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 03:08 AM IST
घर पर पिता का डेडबॉडी पड़ी थी लेकिन 10वीं के एक स्टूडेंट ने साइंस का एग्जाम नहीं छोड़ा। घर पर पिता का डेडबॉडी पड़ी थी लेकिन 10वीं के एक स्टूडेंट ने साइंस का एग्जाम नहीं छोड़ा।

सूरत. घर पर पिता का डेडबॉडी पड़ी थी लेकिन 10वीं के एक स्टूडेंट ने साइंस का एग्जाम नहीं छोड़ा। अडाजण की योगी सोसाइटी में रहने वाले हर्ष राजकुमार महोर रात भर पिता की डेड बॉडी के साथ बिलखता रहा। सुबह पहले परीक्षा दी फिर लौटकर आने के बाद अर्थी को कंधा दिया। रात में हार्ट अटैक से पिता की हो गई थी डेथ...

- दरअसल, हर्ष के 48 साल के पिता की मौत मंगलवार सुबह 10 बजे हार्ट अटैक से हो गई थी। बुधवार सुबह 10 बजे साइंस का पेपर था। पेपर के पहले ही पिता की मौत से हर्ष सदमे में था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। हर्ष पिता के बॉडी के पास बैठा रात भर रोता रहा। वह सुबह एग्जाम देने गया। पिता की डेडबाडी तब तक नहीं उठाई गई, जब तक हर्ष परीक्षा देकर नहीं लौटा। घर में अब हर्ष की मां और दो बहने हैं। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य आगरा में रहते हैं। पिता ही घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे।

स्कूल की लाइब्रेरी में पढ़ सकता है...

- हर्ष अडाजण के शांतिनिकेतन विद्या विहार स्कूल में पढ़ाई करता है। उसका परीक्षा केंद्र अडाजण के ही प्रेसिडेंट स्कूल में है।

- प्रेसिडेंट स्कूल की प्रिंसिपल दीपिका शाह ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हम हर्ष के साथ हैं।

- उन्होंने कहा कि हर्ष हमारे स्कूल का छात्र नहीं है, लेकिन स्कूल की लाइब्रेरी उसकी पढ़ाई के लिए हमेशा खुली रहेगी।

नहीं मिली एंबुलेंस: 108 ने कहा व्यस्त हैं, आने में समय लगेगा
- 5 दिन पहले हर्ष के पिता राजकुमार महोर को हार्ट अटैक आया था। उन्हें महावीर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया था। मंगलवार की सुबह उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई।

- परिवार के लोगो ने 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि हमारे पास सिर्फ एक ही एंबुलेंस है, जो दूसरे मरीज को अस्पताल पहुंचाने गई है।

- उसके आने का इंतजार कीजिए। हर्ष के पिता को ऑटो से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हर्ष की आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल ने माफ की फीस
- हर्ष के स्कूल शांतिनिकेतन विद्या विहार स्कूल के प्रिंसिपल महेश भाई पटेल ने कहा है कि वह पढ़ने में काफी होशियार है। परीक्षा में निश्चित तौर पर अच्छे नंबर लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा स्कूल सिर्फ 12वीं तक ही है।

- हमारे यहां कॉमर्स और साइंस सब्जेक्ट की पढ़ाई होती है। अगर हर्ष हमारे स्कूल में 12वीं तक पढ़ना चाहेगा तो जब तक वह पढ़ेगा हम उससे किसी तरह की फीस नहीं लेंगे।

10 का एग्जाम देता छात्र। 10 का एग्जाम देता छात्र।
एग्जाम के तुरंत बाद पिता को अर्थी को कंधा देने पहुंचा। एग्जाम के तुरंत बाद पिता को अर्थी को कंधा देने पहुंचा।