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Live Suicide: ऊपर देखा भाभी जी कूद रही हैं, मैं चिल्लाया भी, लेकिन वो नहीं रुकी

इंडस्ट्रीलियस्ट की पत्नी की मौत का मंजर जिसने भी देखा कांप उठा।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 02:53 AM IST
हादसे की जानकारी देता सिक्युर हादसे की जानकारी देता सिक्युर

सूरत. तिरुपति साड़ी के मालिक आनंद सुरेका की मौत का सदमा उनकी पत्नी श्वेता सुरेका (37 ) बर्दाश्त नहीं कर पाई। पति की मौत के ठीक चौथे दिन सोमवार को श्वेता सुरेका ने भी अपने घर की पांचवीं मंजिल की खिड़की से कूदकर अपनी जान दे दी। उन्हें छलांग लगाते देख कुछ लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े लेकिन बचा नहीं सके। वहीं इस हिलाकर रख देने वाले मंजर को सबसे पहले देखने वाले चौकीदार महेश ने बताया कि बिल्डिंग का कांच टूटने पर जब उसने ऊपर देखा तो भाभी जी(श्वेता सुरेका) कूद रही हैं, मैं चिल्लाया भी, लेकिन वो नहीं रुकीं।

मंजर देख चश्मदीद के भी उड़ गए होश

सूर्या पैलेस के सिक्युरिटी गार्ड महेश गोस्वामी के मुताबिक, मैं सुबह 8 बजे ड्यूटी पर आया। पिछले गेट पर मेरी ड्यूटी थी। उस समय भाभी जी (श्वेता) के भाई संजय उनके दोनों बेटों केशव और मुदित को स्कूल के लिए नीचे छोड़ने उतरे थे। दोनों को स्कूल की गाड़ी में बैठाकर संजय भाई सूर्या पैलेस के दरवाजे से अंदर आए। उसी पल कांच गिरने की आवाज आई। आवाज आते ही मैंने इधर-उधर देखा तो कुछ नजर नहीं आया। फिर मेरी नजर ऊपर गई, तो देखा पांचवीं मंजिल की खिड़की से भाभीजी सिर निकालकर छलांग लगाने जा रही थीं। यह मंजर देख मेरे होश उड़ गए। मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगा।

पलक झपकते ही पूरा हादसा हो गया

आगे महेश ने बताया कि, नीचे खड़े मनोज भाई और भाभी जी के भाई संजय ने भी ऊपर देखा। श्वेता भाभी को खिड़की से निकलते देख संजय और मनोज दोनों ही उन्हें बचाने के लिए दौड़े। इस कोशिश में भाभी जी उनके पैरों पर गिरीं। एक पल के लिए लगा कि यह सपना है। पलक झपकते ही पूरा हादसा हो गया और भाभी जी की मौत हो गई। खून चारों तरफ फैल गया था। मनोज भाई और संजय भाई के पैरों पर भी चोट आई थी। मैंने अपनी पूरी जिंदगी में इस प्रकार की घटना नहीं देखी। मेरे दिमाग में वही मंजर घूम रहा है।

पति की मौत के बाद सदमे में थी श्वेता

आनंद सुरेका की बहन रश्मि के मुताबिक, आनंद भैया के देहांत के बाद श्वेता भाभी जैसे होश में ही नहीं रहती थीं। उन्होंने किसी से बात करना भी बंद कर दिया था। वह खाना भी ठीक से नहीं खाती थीं। सोमवार को अग्रसेन भवन में आनंद भैया की शोक सभा रखी गई थी। हमें लगा कि भाभी होश में ही नहीं है तो शोक सभा में कैसे आएंगी। फिर भी हमने पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं शोकसभा में चलूंगी।

ननद ने देखी भाभी की खून में लथपथ पड़ी लाश

बकौल रश्मि, सुबह 8:30 बजे भाभी तैयार होने गई। वह बाथरूम में नहाने के लिए गई थीं। हम सभी बाथरूम के इर्द-गिर्द ही थे। थोड़ी देर बाद हमने बिल्डिंग के नीचे से जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनी। पहले हमने सोचा कि शायद नीचे कुछ हुआ है। हम तुरंत नीचे गए। वहां हमने देखा कि मेरी भाभी ही खून में लथपथ पड़ी हैं। यह देखकर हमारे पैरों तले से जमीन खिसक गई। हमें नहीं पता था कि नीचे आकर देखेंगे तो हमें अपनी ही भाभी की लाश देखने को मिलेगी। भैया के देहांत के बाद भाभी शोक में जरूर थी, लेकिन कभी भी ऐसा नहीं लगा कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकती हैं। हम एक-दूसरे को हिम्मत देते रहे। एक-दूसरे के कंधे का सहारा लेते रहे। भैया-भाभी के चले जाने से हम पूरी तरह टूट गए हैं।

दो हिस्सों में बंट गई थी आनंद सुरेका की लाश

- शुक्रवार 12 जनवरी को वेसू में ट्रक की टक्कर से तिरुपति साड़ीज के मालिक आनंद नवल सुरेका की मौत हो गई थी। सूर्या पैलेस सिटीलाइट में रहने वाले और मूल रूप से बेगूसराय(बिहार) के 40 साल के आनंद अपनी नई क्रेटा कार से आभवा गांव के पास गए थे। वहां से लौटते वक्त वे विनायक मंदिर के पास रात करीब 8.30 बजे वह कार साइड में खड़ी कर सड़क क्रॉस कर रहे थे, इसी दौरान ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी।

- रात 9 बजे हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को चश्मदीद बताया कि मृतक को एक ट्रक ने कुचल दिया था। पुलिस के मुताबिक हादसा इतना भयंकर था कि सुरेका की लाश दो हिस्सों में बंट गई। पुलिस ट्रक का पता लगाने का प्रयास कर रही है।