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गुजरात: 400 सुरक्षाकर्मी, फिर भी हॉस्पिटल से बच्चा उठा ले गई महिला

स्मीमेर अस्पताल की अधीक्षक बोलीं- बच्चे की जिम्मेदारी परिजन की

Bhaskar News | Last Modified - Mar 26, 2018, 03:26 AM IST

गुजरात: 400 सुरक्षाकर्मी, फिर भी हॉस्पिटल से बच्चा उठा ले गई महिला

सूरत. स्मीमेर में 400 सुरक्षाकर्मी होने के बावजूद रविवार तड़के करीब 4 बजे तीन साल के बच्चे का अपहरण कर लिया। आरोपी महिला सरिता अश्विनी पवार को 11 घंटे बाद क्राइम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। महिला आरोपी ने बच्चा चोरी क्यों किया, इसकी वजह अभी तक पता नहीं चल पाई। पुलिस के मुताबिक आरोपी की एक पहचान वाली महिला को बच्चा नहीं है, शायद उसी को बेचने के लिए बच्चे का अपहरण किया हो। कामरेज में खोलवड के पास की रहनेवाली महिला आरोपी सरिता ने बच्चे के अपहरण के बारे में पुलिस को अभी कुछ नहीं बताया है। सरिता को दो साल की बेटी और 8 साल का बेटा है। वह अपने पति के साथ रहने की बजाय किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहती है।


तीन पाली में लगती है गार्ड की ड्यूटी
स्मीमेर अस्पताल में करीब 400 सिक्युरिटी गार्ड हैं। रात की पाली में करीब 140 सिक्युरिटी गार्ड तैनात रहते हैं। इतनी सुरक्षा के बावजूद भी महिला आई और बच्चे को लेकर चली गई। स्मीमेर के आरएमओ डॉ. जयेश पटेल ने बताया कि इस मामले में हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे।


अस्पताल मरीजों के लिए जिम्मेदार
स्मीमेर अस्पताल की अधीक्षक डॉ. वंदना देसाई ने सुरक्षा में लापरवाही को नकारते हुए कहा कि बच्चे की जिम्मेदारी परिजन की होती है। अस्पताल केवल मरीजों की सिक्युरिटी करता है। कोई भी सिक्युरिटी गार्ड हर जगह तो रह नहीं सकता। वह केवल पॉइंट पर रहता है। हर व्यक्ति पर नजर नहीं रखी जा सकती। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अस्पताल की सुरक्षा में बदलाव मनपा करेगी।

घटना: पिता की नींद खुली तो तीन साल का बच्चा गायब था, पुलिस को दी सूचना
उधना दरवाजा स्थित छह माह की गर्भवती सुमन देसाई की वाड़ी निवासी अनीता को रक्तस्राव और दर्द के कारण शुक्रवार को स्मीमेर के गायनिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। दो दिन से रात में उनके पति गणेश और तीन साल का बेटा खुसाल वार्ड के बाहर बेंच पर सो रहे थे। रविवार तड़के गणेश की आंख लगे 10 मिनट ही हुए थे कि उनके बेटे खुसाल का अपहरण कर लिया गया। जब गणेश की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि खुसाल तो वहां है कि नहीं। वह घबरा गए। उन्होंने सोचा वह अपनी मां के पास गया होगा। वार्ड में भर्ती अपनी पत्नी के पास गए तो वह वहां भी नहीं था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को जानकारी दी। वराछा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

ऐसे पकड़ में आई आरोपी महिला
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर पीएल देसाई ने बताया कि स्मीमेर में कामरेज के दिलीप वसावा ने अपनी बेटी को इलाज के लिए भर्ती कराया है। शनिवार को सरिता दिलीप की बेटी को देखने के लिए अस्पताल गई थी। यह बात अस्पताल से ही पता चली। दिलीप वसावा खोलवड में रहता है। इस दिशा में जांच करने पर सरिता का सुराग मिल गया। पुलिस ने उसके घर से उसे गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर लिया।

लापरवाही: प्रवेश कार्ड नहीं होने पर भी गायनिक वार्ड तक चली गई महिला आरोपी
क्राइम ब्रांच ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो एक महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखी। इसी के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई। स्मीमेर अस्पताल में तीन तरह के पास बनते हैं। जिसे दिखाकर ही लोग अस्पताल में प्रवेश कर सकते हैं। पहला कार्ड सफेद होता है जो मरीज को भर्ती करने के साथ ही बनता है। दूसरा लाल रंग का होता है, जिसे मरीज को देखने आए परिजन के लिए बनाते हैं। यह कार्ड दोपहर 12 से 2 बजे तक ही मान्य रहता है। वहीं एक पीला कार्ड भी बनाया जाता है, जो केवल मरीज के परिचित आदि के लिए होता है। यह शाम 5 से 7 बजे तक मान्य रहता है। महिला आरोपी के पास कोई कार्ड नहीं था। इसके बावजूद वह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर अस्पताल में दाखिल हो गई। यही नहीं गायनिक वार्ड से बच्चा चोरी करके निकल भी गई।

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