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16 में से 15 सीटों के गढ़ को बचाने मोदी 3 दिन रहे सूरत में, जेटली-योगी ने भी कीं सभाएं

ससे साफ है कि इस बार सूरत की 16 सीटों पर निर्वाचन आसान नहीं होगा।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:27 AM IST

सूरत. सूरत जिले की 16 सीटों के लिए शनिवार को मतदान होगा। इससे पहले गुरुवार शाम को प्रचार थमने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत के लिंबायत में सभा की। यही नहीं, इससे पहले भी नवंबर में मोदी सूरत में एक सभा कर चुके हैं और एक सप्ताह पहले ही रात्रि विश्राम भी सूरत में ही किया था। इससे साफ है कि इस बार सूरत की 16 सीटों पर निर्वाचन आसान नहीं होगा। दोनों ही पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। बीजेपी तो हिंदीभाषी, मराठी, उड़िया, मारवाड़ी और गुजरात के केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और संगठन के पहली पंक्ति के नेताओं को सूरत के प्रचार में भेज चुकी है। कांग्रेस भी इस बार बीजेपी का गढ़ ढहाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। राजस्थान के तो पूर्व मुख्यमंत्री अौर पूर्व मंत्रियों समेत 100 से भी ज्यादा नेता एक महीने से सूरत में डेरा डाले हुए थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई नेता भी सूरत में मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचा चुके। फिलहाल महुवा सीट को छोड़कर बाकी 16 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है।

केंद्रीय मंत्रियों की पूरी फौज

बीजेपी ने देश के अपने तीनों शीर्ष नेताओं को यहां प्रचार के लिए भेजा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृहमंत्री राजनाथ सिंह यहां प्रचार कर चुके। इनमें से नरेंद्र मोदी तीन बार और अरुण जेटली दो बार सूरत आए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दो बार सभाएं कर चुके। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी,धर्मेंद्र प्रधान और पुरुषोत्तम रूपाला भी अलग-अलग इलाकों में मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी यहां रोड शो कर चुके हैं।

मिशन 150 के लिए जरूरी द.गुजरात

बीजेपी के मिशन 150 के लिए दक्षिण गुजरात की 35 सीटें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन 35 में से 28 सीटों पर अभी बीजेपी का कब्जा है, जबकि 6 पर कांग्रेस काबिज है। पिछले दिनों हुए पाटीदार आरक्षण आंदोलन, जीएसटी विरोध अौर हिंदी भाषियों के प्रतिनिधित्व की मांग को देखते हुए माना जा रहा था कि बीजेपी को इस बार मुश्किल हो सकती है। कई सीटों पर बगावत भी हो चुकी है। अब तक बीजेपी का गढ़ रहीं वराछा, करंज, कामरेज और कतारगाम में भी तगड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।

राजे और योगी का आखिरी दौरा हुआ रद्द

अंतिम चरण में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ याेगी की सभाएं आेखी तूफान की वजह से रद्द करनी पड़ी थीं। याेगी का यह तीसरा दौरा होता। सांसद परेश रावल भी सूरत में दो बार सभाएं कर चुके हैं। धर्मेंद्र प्रधान 3 बार सभाएं कर चुके। प्रदेश के मुख्यमंत्री रूपाणी भी दो बार सूरत आए।