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चार सीटों पर भाजपा-कांग्रेस के वोट काट सकते हैं निर्दलीय

चोर्यासी,लिंबायत,उधना और सूरत उत्तर में स्थित सैलूनों में लोगों के बीच राजनीति पर चर्चाएं चल रही हैं।

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 05:10 PM IST

सूरत। राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 9 दिसंबर को है। सूरत में इस समय राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सभी पार्टियों के स्टार प्रचारक प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। राजनीतिक गलियारों में तो सियासी चर्चा चल ही रही है, साथ ही आम लोगों के बीच भी चर्चा का मुख्य विषय राजनीति ही है। सैलूनों पर हो रही है चर्चा…

सूरत के चार विधानसभा क्षेत्रों चोर्यासी, लिंबायत, उधना और सूरत उत्तर में स्थित सैलूनों में लोगों के बीच राजनीति पर किस तरह की चर्चाएं चल रही हैं, यही जानने की कोशिश की भास्कर ने। चारों क्षेत्रों में लोगों के बीच हिंदीभाषियों की नाराजगी, विधायकों का टिकट कटना, निर्दलीय प्रत्याशियों का संघर्ष, विकास, स्थानीय समस्याएं, राष्ट्रीय मुद्दे बहस के केंद्र में रहे।

उधना : भाजपा-कांग्रेस में कड़ा मुकाबला, विधायक का टिकट कटने से लोग खफा


उधना मेन रोड के एक सैलून में बैठे कुछ लोग टीवी पर खबरें देखते-देखते चुनावी बहस करने लगे। चर्चा का विषय था ट्रम्प बेहतर हैं या मोदी? चर्चा धीरे-धीरे उधना से वर्तमान भाजपा विधायक नरोत्तम काका का टिकट कटने पर आ गई। एक सज्जन ने कहा कि उनकी उम्र 70 वर्ष हो गई है, इसलिए टिकट काटा गया। किसी हिंदीभाषी को टिकट नहीं देने पर भी लोगों में मतभेद दिखा। कुछ लोगों का मत था कि उधना में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होगा।

लिंबायत : इस बार मराठी मतों के बंटवारे से आ सकता है अनापेक्षित चुनाव परिणाम


लिंबायत के एक सैलून में बैठे कुछ मराठी युवाओं में चल रही चर्चा के मुताबिक भाजपा कांग्रेस कोई भी जीत कर आए लिंबायत की स्थिति नहीं सुधरेगी। युवाओं का कहना था कि लिंबायत स्लम इलाका है, इसलिए मनपा भी ध्यान नहीं देती। इस बार यहां भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी और निर्दलीय के बीच मुकाबला होगा, जिससे अनापेक्षित परिणाम आ सकता है। यहां भाजपा प्रत्याशी संगीता पाटिल और कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र पाटिल के बीच मराठी मतों का बंटवारा हो सकता है।

चोर्यासी : चुनाव परिणाम पर असर डाल सकती है हिंदीभाषी मतदाताओं की नाराजगी


चोर्यासी विधानसभा क्षेत्र के हिंदीभाषी बाहुल्य इलाके के एक सैलून में दाड़ी-बाल कटवाने आए लोग चुनावी चर्चाओं में मशगूल दिखे। बाल कटवाने के लिए लाइन में बैठे एक महाशय ने टीवी पर खबर देखते हुए कहा कि इस बार के चुनाव में मंदिर दर्शन की होड़ लगी हुई है। जिसे देखो वही मंदिर जा रहा है। एक सैलून में बैठे दीपक पटेल ने कहा कि इस बार टफ फाइट होगी। चोर्यासी में भी हिंदीभाषियों की नाराजगी चुनाव परिणाम पर असर डाल सकती है।


सैलून में चुनावी चर्चा


यहां के एक सैलून में बैठे लोगो में चल रही चर्चाओं की माने तो सूरत उत्तर से भाजपा को कांग्रेस कांटे की टक्कर देगी। पाटीदार और मूल सूरती वोटरों की अधिकता वाली इस सीट पर लोग स्थानीय मुद्दों की बजाय राष्ट्रीय मुद्दों पर ज्यादा बात करते दिखे। लोगों के बीच इस बात पर गरमागरम बहस चली कि पाटीदार विरोध से किसे फायदा होगा, किसे नुकसान। लोगों का कहना था कि वर्तमान विधायक का टिकट काटने से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। यहां भाजपा के कांति बलर और कांग्रेस के दिनेश काछड़िया के बीच मुकाबला है। -जैसा मेहुल पटेल ने देखा और सुना।

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