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ई-वे बिल के पहले कपड़े की बुकिंग बढ़ी, हर रोज सूरत से 400 ट्रक रवाना

ई-वे बिल इफेक्ट | बड़े व्यापारी ई-वे बिल की संभावित समस्या से बचने के िलए भेज रहे हैं माल

Bhaskar News | Last Modified - Mar 28, 2018, 02:20 AM IST

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    जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार कपड़े की बुकिंग इतनी बड़ी मात्रा में हो रही है, ट्रांसपोर्टरों की चांदी

    सूरत. जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार कपड़े की बुकिंग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अभी तक पहली बार सूरत से अन्य राज्य व शहर में कपड़ा भरकर जाने वाले ट्रकों की संख्या 400 के पार हो गई है। देखा जाए तो पिछले 9 महीने में जिस तरह सूरत का कपड़ा व्यापारी जीएसटी की वजह से कराह रहा था उसको देखते हुए एक शुभ संकेत माना जा सकता है, लेकिन कुछ व्यापारी इसको ज्यादा टिकाऊ नहीं मानते हैं। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ा हुआ कारोबार कुछ बड़े व्यापारियों तक सिमटा है और इसके पीछे एक बड़ा कारण अप्रैल से लागू हो रहा ई-वे बिल है।


    व्यापारियों से बातचीत में पता चला कि बड़े कारोबारियों का व्यापार बढ़ गया है, क्योंकि वह एक अप्रैल से पहले अपना स्टॉक क्लियर करना चाहते हैं। इसके लिए उनके पास रिटर्न की प्रक्रिया भरने के लिए स्टाफ भी हैं। दूसरी ओर छोटे व्यापारी आज भी व्यापार को लेकर परेशान हैं। इधर बड़े व्यापारियों का कारोबार बढ़ने के कारण कई ट्रांसपोर्टर को बुकिंग बंद करनी पड़ी है। हालांकि यह चार दिन की चांदनी जैसी हो सकती है। ऐसा अनुमान व्यापारी व्यक्त कर रहे हैं। बड़े व्यापारियों को आशंका है कि पता नहीं ई-वे बिल लागू होने के बाद फिर से ई-वे बिल की साइट क्रैश हो गई तो कुछ दिनों तक काम नहीं हो पाएगा। इसलिए शादियों के सीजन का लाभ उठाते हुए व्यापारी अधिक माल भेज रहे हैं।

    सबसे अधिक यूपी बिहार में जा रहे हैं ट्रक

    इन दिनों यूपी बिहार में जाने वाले ट्रकों की संख्या अधिक है। 400 में से 100 ट्रक इन दो राज्यों में जा रहे हैं। बाकी 300 ट्रक में से 50 महाराष्ट्र, 50 तमिलनाडु, 40 दिल्ली, 30 कर्नाटक, 30 आसाम, 30 राजस्थान सहित देश भर में जा रहे हैं।

    ई-वे बिल लागू होने काे बताया जा रहा वजह
    1 अप्रैल से ई-वे बिल लागू हो रहा है। ऐसे में ई-वे बिल का पोर्टल क्रैश होने और व्यापार डाउन होने की प्रबल संभावना व्यापारी व्यक्त कर रहे हैं। इससे बचने के लिए व्यापारी ज्यादा माल भेज रहे हैं। खासतौर पर बड़े व्यापारी ज्यादा माल भेज रहे हैं। यही वजह है कि ट्रांसपोर्टरों के यहां माल बुकिंग बढ़ गई है। कपड़ा व्यापारी रंगनाथ शारडा ने बताया कि बड़े व्यापारियों का काम बढ़ गया है। छोटे व्यापारी अभी भी परेशान हैं।

    बड़े व्यापारियों का कारोबार बढ़ा

    कपड़ा व्यापारी विनोद अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद बड़े व्यापारियों का कारोबार बढ़ा है। फिर भी उतना माल नहीं जा रहा है जितनी उम्मीद लगाए बैठे थे। मार्च क्लोजिंग के कारण अब काम कम होगा। शादी के सीजन में डिमांड अच्छी चल रही है।

    रिटर्निंग में परेशानी

    साउथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष युवराज देसले ने बताया कि 400 से अधिक ट्रके जा रही हैं। कई बार बुकिंग लेना बंद करना पड़ रहा है। लेकिन, रिटर्निंग में परेशानी हो रही है। रिटर्न के फेरे लगाने में समय लग जाता है। कारोबार की स्थिति तो 1 अप्रैल से पता चलेगी।

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    कई व्यापारी कपड़े की बढ़ी बुकिंग को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है, तर्क है कि यह ज्यादा दिनोें तक नहीं चलेगी
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