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गजेरा के लोगों ने गवाह को कहा- तू सूरत से चला जा, परिवार का खयाल हम रखेंगे

जमीन कब्जा मामला | पुलिस ने कोर्ट में किया बड़ा खुलासा, गजेरा ने गवाह के पास भेजे 3 लोग

Danik Bhaskar | Mar 28, 2018, 02:03 AM IST

सूरत. वेसू इलाके में डेढ़ सौ करोड़ की जमीन पर कब्जा करने और मालिकाना हक साबित करने के लिए कोर्ट में जाली बिल, बाउचर, बैलेंस शीट पेश करने के मामले में जेल में बंद वसंत गजेरा के खिलाफ एक और गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट से रिमांड मांगते समय कहा कि गजेरा ने अपने तीन आदमियों गवाह के पास भेजा था, जिन्होंने गवाह को लालच देकर उसे सूरत छोड़कर चले जाने को कहा।

- पुलिस ने इसी मामले में पूछताछ करने के लिए वसंत गजेरा की चार दिन की फर्दर रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट अस्वीकार करते हुए गजेरा को लाजपोर जेल भेज दिया है। कडोदरा रोड पर पूणा पाटिया में भक्तिधाम मंदिर के सामने सजावट बंगलोज में रहनेवाले वजुभाई उर्फ व्रजलाल नागजी मालाणी ने वेसू स्थित जमीन को सुभाष लालजी मुंशी से खरीदी थी।

- इस डेढ़ सौ करोड़ रुपए की 18500 वर्गमीटर जमीन पर वसंत गजेरा की नजर पड़ी। गजेरा ने जाली दस्तावेज बनाकर जमीन पर अपना मालिकाना हक साबित करने के लिए अदालत में दावा पेश कर दिया। गजेरा ने अपने दावे में कहा कि जमीन पर कंपाउंड वॉल और फेंसिंग का खर्च उसने किया है। इसके लिए उसने जाली बिल बाउचर और बैलेंस शीट भी पेश कर दी। इस मामले में उमरा पुलिस स्टेशन में वसंत गजेरा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

पुलिस ने कोर्ट से गजेरा की चार दिनों की रिमांड मांगी

- कोर्ट ने वसंत गजेरा को 27 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेजा था। मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट से वसंत गजेरा की फर्दर रिमांड मांगी। पुलिस ने 8 मामलों के साथ 4 दिनों की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। पुलिस की रिमांड याचिका में वसंत गजेरा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

- इसमें कहा गया है कि 21 मार्च को वसंत के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। 23 मार्च को सचिन के पाली में इस केस से जुड़े गवाह से मिलने तीन लोग गए थे। इन लोगों ने गवाह से कहा कि हमारे गजेरा साहब पुलिस में पकडे गए हैं, तू सूरत छोड़कर कहीं बाहर चला जा। तेरे परिवार को हम संभाल लेंगे या फिर तू हमारे साथ चल, तेरे खाने-पीने की व्यवस्था हम कर देंगे।

इन बिंदुओं पर मांगी थी रिमांड

- जाली बिल और बैलेंस शीट के बारे में गजेरा ने कोई संतोषनजक जवाब नहीं दिया। असली दस्तावेज बरामद करने हैं। अलग-अलग लोगों के नाम 7 जाली बिल बाउचर बनाए हैं।
- एक गवाह ने बयान दिया है कि वसंत गजेरा ने उससे रुपए लेने की जो बात कही है वह झूठी है। जिसे मेरा हस्ताक्षर बताया जा रहा है वह भी जाली है।
- वसंत गजेरा ने गवाहों को लालच देने की कोशिश की है। गजेरा कह रहे हैं कि जमानत पर रिहा होने पर वह गवाहों को पुलिस के पास खुद लेकर आएंगे।
- पूछताछ के दौरान गजेरा गोलमोल जवाब देते हैं। जांच में सहयोग नहीं कर रहे।
- बिल जिस कंप्यूटर से बनाया, उसके बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं।
- नकली बिल पर छपे फोन नंबर के बारे में बारीकी से जांच करने की जरूरत है।
- जाली बैलेंस शीट किसने बनाई, उसके बारे में जांच-पड़ताल करनी है।
- गजेरा बार-बार कह रहे हैं कि मुझे कुछ पता नहीं है, इसलिए उन्हें जांच के दौरान साथ रखना जरूरी है।