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मांझे की वजह से पिता ने 5 साल की बेटी खोई, पुलिस ने उसे ही बनाया आरोपी

पुलिस कमिश्नर का तो यहां तक कहना है कि कार के सन रूफ से किसी को भी नहीं झांकना चाहिए।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 06:38 AM IST

सूरत. जिस पिता ने जानलेवा मांझे की वजह से 5 साल की फूल सी बेटी खो दी, पुलिस ने उसे ही हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए आरोपी बना दिया है। मांझे से मौत के मामले में यह शहर का पहला मामला है, जिसमें पुलिस ने परिजन (पिता) को ही आईपीसी की धाराओं में आरोपी बना दिया। पुलिस ने मांझा डालने वाले अज्ञात शख्स को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस कमिश्नर का तो यहां तक कहना है कि कार के सन रूफ से किसी को भी नहीं झांकना चाहिए। हालांकि ये बात अलग है कि रोक के बावजूद शहर में जानलेवा मांझा सरेआम बन भी रहा है और धड़ल्ले से बिक भी रहा है।

मौत बनकर आया मांझा चीर गया था गला

बता दें मांगरोल तालुका के हथुरण गांव निवासी यूनुस अनवर करोडिया 31 दिसंबर को परिवार के साथ सूरत में शॉपिंग करने आए थे। लौटते समय सन रूफ वाली कार से 5 साल की बेटी फातेमा शहर का नजारा देख रही थी। उधना दरवाजा के पास मांझे से उसका गला कट गया था। चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद फातेमा ने दम तोड़ दिया था।

पुलिस का चौंकाने वाला रवैया

पिता दोषी साबित हुए तो हो सकती है 2 साल की सजा

पुलिस ने पिता युनूस पर जो धारा 304 (अ) लगाई है। यदि यह अपराध कोर्ट में सिद्ध हो जाता है तो पिता को 2 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

पिता बोले : मैंने तो बेटी खोई है, मुझे आरोपी क्यों बनाया, नहीं पता

फातेमा के पिता यूनुस करोडिया ने बताया कि इस हादसे में मेरी जान से भी प्यारी बेटी मुझे छोड़कर चली गई। मुझे तो पता नहीं कि मेरे खिलाफ क्या मामला दर्ज हुआ है। अभी तक हम इस हादसे से उबर भी नहीं पाए हैं। इसमें मेरी क्या गलती। पुलिस ने क्यों मामला दर्ज किया वही जाने, मुझे इसके बारे में किसी ने नहीं बताया है।

पुलिस बोली : पिता ने बेटी को सन रूफ के पास क्यों खड़ा किया

5 साल की बच्ची को इतनी समझ नहीं होती कि उसके लिए क्या जानलेवा हो सकता है। इस हादसे की बात की जाए तो उसके पिता की जिम्मेदारी बनती है कि बच्ची को सन रूफ से बाहर न झांकने देना चाहिए था। वे इसका ख्याल रखते तो बच्ची की जान पर नहीं बनती। इसलिए युनुस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सरेआम बिक रहा जानलेवा मांझा

चायनीज मांझे पर भले ही रोक है, लेकिन शहर में जानलेवा देसी मांझा धड़ल्ले से बन भी रहा है और बिक भी रहा है। सड़क किनारे भी ऐसे मांझे बनाए जा रहे, जिसमें कांच के बुरादे का लेप चढ़ाया जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर बोले- सन रूफ से किसी को मुंह बाहर निकालना ही नहीं चाहिए

Q. बच्चे के पिता के खिलाफ मामला क्यों दर्ज किया?
बच्चों को संभालने की पहली जिम्मेदारी माता-पिता की ही होती है। पिता ने लापरवाही की।

Q. कार तेजी से ही जा रही थी पुलिस यह कैसे कह सकती है?
पुलिस ने कैमरे और अन्य तरीके से कार की स्पीड का पता लगाया।

Q. तो क्या कार के सन रूफ से मुंह बाहर निकालना गलत है?
किसी को भी सन रूफ से मुंह बाहर नहीं निकालना चाहिए। इस मामले में बच्ची को यह बात समझाने की जिम्मेदारी पिता की थी। जिम्मेदारी ठीक से निभाते तो हादसा नहीं होता।