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प्रॉपर्टी विवाद में महिला के घर जाकर अस्मत मांगते थे आरोपी, किया सुसाइड

पहले दिन ही मिल गया था सुसाइड नोट पुलिस ने 4 महीने बाद दर्ज किया मामला।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 05:32 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

सूरत. चौक बाजार में साढ़े चार महीने पहले एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। महिला ने सुसाइड नोट भी लिखी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उस समय आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज नहीं किया था। अब पुलिस ने खुद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक चार आरोपियों में से एक ने महिला से अस्मत की मांग की थी। इसके अलावा गंदी बातें करते थे और अश्लील फोटो भी मांगते थे। आरोपियों के साथ महिला का मकान के पैसे को लेकर भी विवाद चल रहा था। चार में से दो आरोपी महिलाएं हैं।

झगड़े के पीछे फ्लैट की खरीदी

जानकारी के मुताबिक चौक बाजार निवासी युवक ने आरोपी नूर मोहम्मद उर्फ मुन्ना इस्माइल सिल्कवाला से चौटा बाजार में 2015 में एक फ्लैट खरीदा था, जिसका सौदा 15.50 लाख में किया था। इसमें से 13.10 लाख रुपए दे दिए थे, लेकिन बाद में कुछ विवाद होने पर मुन्ना ने युवक को दूसरा फ्लैट देने को कहा। जिसका सौदा 10.50 लाख रुपए में हुआ। बाकी के 2.60 लाख रुपए युवक मांग रहा था, लेकिन मुन्ना ने नहीं दिए। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। युवक रुपए मांगता था और मुन्ना नहीं देता था।

अश्लील फोटो मांग किया परेशान

उसके बाद मुन्ना और इरफान सिल्कवाला युवक और उसकी पत्नी को प्रताड़ित करने लगे। वे लोग युवक के गैरमौजूदगी में घर जाते थे। उसकी पत्नी से गंदी बातें करते थे। उसे अपशब्द कहते थे। उनपर फ्लैट खाली कर चले जाने के लिए दबाव बनाते थे। नूर मोहम्मद उर्फ मुन्ना ने युवक की पत्नी से अश्लील मांग की थी। इसके अलावा उससे अश्लील फोटो भी मांगते थे। महिला ने इससे त्रस्त होकर 2 अक्टूबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

साढ़े चार महीने के बाद मामला दर्ज

अपने सुसाइड नोट में महिला ने आरोपी इरफान इस्माइल सिल्कवाला, मुन्ना सिल्कवाला, हलीमा नूर मोहम्मद सिल्कवाला और यास्मीन तंबूवाला (सभी निवासी- सिंधीवाड़,चौक बाजार) को जिम्मेदार बताया था। उस समय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की थी। लेकिन, पुलिस ने साढ़े चार महीने के बाद खुद फरियादी बनकर आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी और आत्महत्या के लिए उकसाने करने का मामला दर्ज किया है।

एक आरोपी डीआईजी तो दूसरा बीजेपी प्रमुख के नाम की देता था धमकी

महिला ने सुसाइड नोट में लिखा था कि आरोपी इरफान सिल्कवाला डीसीपी अनारवाला के नाम से धमकी देते थे और हलीमा ने बीजेपी शहर प्रमुख नितिन भजीयावाला के नाम से धमकी दी थी। गौरतलब है कि तीन साल पहले सूरत में एमएम अनारवाला डीसीपी थे अब वे डीआईजी है। महिला को उनका पूरा नाम या पद भी पता नहीं था।

पति ने नहीं दी थी शिकायत

लालगेट थाना इंचार्ज पीआई डीके पटेल ने बताया कि महिला के पति ने आरोपियों से समझौता कर लिया है। पति ने फरियाद नहीं दर्ज कराई। इसलिए पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। हालांकि मामला दर्ज होना चाहिए था लेकिन क्यों नहीं हुआ यह नहीं कह सकते, क्योंकि तब मैं यहां नहीं था।

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