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गुजरात: वेल में घुसे 29 कांग्रेस विधायक को अध्यक्ष ने किया सस्पेंड

िवधानसभा | कृषि मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष ने किया हंगामा

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 04:32 AM IST

गांधीनगर. विधानसभा में कृषि मंत्री आरसी फलदू सवालों का जवाब दे रहे थे तभी बीच-बीच में बोल रहे कांग्रेस विधायक वीरजी ठुम्मर को अध्यक्ष ने सस्पेंड कर दिया। ठुम्मर को सस्पेंड करते ही कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में घुस गए। अध्यक्ष ने वेल में घुसे कांग्रेस के 29 विधायकों को सस्पेंड कर दिया।


कांग्रेस के विधायक वॉक आउट करते हुए किसानों के साथ हो रहे अन्याय के मुद्दे पर ब्लैक एप्रोन पहन कर विधानसभा परिसर में घूमने लगे। कृषि मंत्री आर सी फलदू ने कहा कि विकट परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश के किसान अव्वल हैं। कांग्रेस विधायक वीरजी ठुम्मर के आरोप के बाद कृषि मंत्री ने 1995 के बाद सिंचाई के लिए बनाई गई योजनाओं की सूची पेश की। कृषि मंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेस विधायक अपनी सीट से खड़े होकर बीच-बीच में बोल रहे थे। बोलने से मना करने के बावजूद चुप न रहने पर अध्यक्ष ने ठुम्मर को सस्पेंड कर दिया।


ठुम्मर को सस्पेंड करते ही कांग्रेस विधायक हंगामा मचाते हुए नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी करते हुए वेल में घुसे 29 विधायकों को अध्यक्ष ने सस्पेंड कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के दंडक अमित चावड़ा के मध्यस्थता करने और मंत्री भूपेंद्रसिंह चूड़ासमा के समर्थन पर अध्यक्ष ने सस्पेन्शन रद्द किया। अध्यक्ष ने कहा कि मैंने ठुम्मर को 14 बार चुप रहने की अपील की थी इसके बावजूद वे बीच-बीच में बोल रहे थे।

सिंचाई का पानी न मिलने पर महाराष्ट्र की तर्ज पर किसान करेंगे विधानसभा का घेराव

विधानसभा में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर कई आरोप लगाए। किसानों को सिंचाई का पानी, समर्थन भाव पर अनाज की खरीदी, बिजली कनेक्शन सहित मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस ने सरकार को मुश्किल में डाल दिया।

कांग्रेस विधायकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जिस प्रकार किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं उसी प्रकार गुजरात में भी करेंगे। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलेगा और उनकी अन्य परेशानियां दूर नहीं होगी तो लाखों किसान विधानसभा का घेराव करेंगे।

गांधीनगर उत्तर के कांग्रेस विधायक डॉ. सीजे चावड़ा ने अारोप लगाते हुए कहा कि सरकार को उद्योगों की चिंता है। सरकार को विदेश से आने वाले एनआरआई को शराब में छूट देने की चिंता है किसानों के खेत में पानी पहुंचाने की कोई चिंता नही है। केंद्र सरकार की किसानों के लिए बनी फसल योजना ‘किसान फंसे योजना’ बनती जा रही है।

प्रीमियम के लिए जितनी रकम खर्च होती है उसे सीधे किसानों काे दे दी जाए तो उनकी परेशानी कुछ कम हो सकती है। महाराष्ट्र की तरह किसानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया तो विधानसभा से बाहर नहीं निकल सकोगे। विधायक अल्पेश ठाकोर ने तार फेंसिंग की याेजना को 200 से बढ़ाकर 1000 करोड़ करने की मांग की।