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सेंसर में खामी से उड़ान के साथ ही क्रैश हो गया नेवी का यूएवी ड्रोन

पेट्रोलिंग उड़ान भरने के साथ ही कंट्रोल में आया एरर का संदेश, संपर्क टूटा

Bhaskar News | Last Modified - Mar 23, 2018, 03:55 AM IST

  • सेंसर में खामी से उड़ान के साथ ही क्रैश हो गया नेवी का यूएवी ड्रोन
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    मानवरहित यूएवी ड्रोन के क्रैश होने से नेवी को 50 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

    पोरबंदर. भारतीय नौ सेना का अनमेन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) पेट्रोलिंग के लिए उड़ान भरने के साथ ही क्रैश हो गया। सेंसर में खामी के चलते ये हादसा हुआ। अनियंत्रित हुआ यूएवी दो ऑइस्क्रीम फैक्ट्री के बीच खाली मैदान में गिरा जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। ये यूएवी इजरायल से मिला है। पांच साल से नेवी पोरबंदर में एयर एन्क्लेव स्थापित करके मानवरहित विमान का उपयोग कर रही है। नेवी अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक रूप से तकनीकी खामी की वजह से ये घटना हई है। जांच के बाद ही सही कारण स्पष्ट होगा।


    यूएवी ने गुरुवार सुबह 9:25 बजे उड़ान भरी। इसी के साथ इसमें कोई तकनीकी दिक्कत आ गई। फलत: निर्धारित ऊंचाई तक पहुंचने से पहले ही कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर ‘एरर’ शब्द डिस्प्ले हुआ। तकनीकी खामी दुरस्त करने से पहले ही ड्रोन का कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। सुबह 9:35 बजे अनियंत्रित हुआ यूएवी नीचे की ओर गिरने लगा। 9:40 बजे जमीन पर गिरने के साथ ही इस में आग लग गई। नेवी ने ड्रोन के मलवे को नियंत्रण में लेकर आगे की जांच शुरू की है।

    फैक्ट्री कंडेंसर से टकराता तो बड़ी जान हानि होती
    संयोग से ड्रोन दो आइस फैक्ट्री के कंडेंसर के बीच से होते हुए मैदान में आकर गिर गया। ड्रोन दोनों कंपनियों में से किसी भी एक कंपनी के कंडेंसर से टकराया होता तो बड़ी मात्रा में अमोनिया गैस के लीकेज होने की संभावना थी। इससे बड़ी जान हानि हो सकती थी। पर संयोग से ऐसा नहीं हुआ और ड्रोन कंडेंसर के बीच से होते हुए खाली मैदान में आकर गिर गया इससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    पोरबंदर नेवल के पास तीन ड्रोन बचे
    गुरुवार को मानवरहित एक विमान के क्रैश होने के बाद अब पोरबंदर नेवल बेज के पास तीन ड्रोन बचे हैं। नेवी के पास यूएवी ड्रोन की तरह अभी एक विमान और मौजूद है। इसके अलावा अन्य दो ड्रोन भी पोरबंदर नेवल वेज के पास हैं। ड्रोन से समुद्री सीमा की लगातार निगरानी की जाती है।

    धमाके की आवाज सुन मजदूर बाहर आए
    आइस फैक्ट्री के मालिक ने बताया कि सुबह आइस प्लांट में सभी कर्मचारी काम कर रहे थे उसी समय अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि आइस फैक्ट्री में मशीन चालू होने के बावजूद उसकी आवाज अंदर तक सुनाई दी। धमाके की आवाज सुनकर मजदूर फैक्ट्री से बाहर निकल गए।

    यूएवी विमान की खासियत

    यह ड्रोन इजराइल द्वारा बनाया गया था। इसे मानवरहित यूएवी सर्चर के रूप में जाना जाता था। यह 10 से 15 हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता था। ऊंचाई से धरती की फोटो लेकर कंट्रोल रूम तक पहुंचाने वाला 50 फुट लंबा ड्रोन 125 माइल प्रति घंटे की गति से उड़ सकता था।

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    पोरबंदर में समुद्री सीमा की निगरानी करने वाले यूएवी ड्रोन ने भरी आखिरी उड़ान
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