Hindi News »Gujarat »Surat» Crores Rupees Donations For Martyrs In Ramakatha

रामकथा : शहीदों के नाम 5-5 करोड़ दान, हर नागरिक से 1-1 रुपए की अपील

एक नागरिक वर्ष में एक बार 30 जनवरी को मात्र 1 रुपए शहीदों के अंशदान के लिए दे तो 125 करोड़ रुपए होता है।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 04, 2017, 05:05 AM IST

  • रामकथा : शहीदों के नाम 5-5 करोड़ दान, हर नागरिक से 1-1 रुपए की अपील
    +2और स्लाइड देखें

    सूरत. बीआरटीएस के पास कर्ण भूमि में चल रही मोरारी बापू की रामकथा के दूसरे दिन रविवार को रियल एस्टेट कारोबारी लवजी भाई बादशाह और ननू भई सांवलिया ने पांच-पांच लाख रुपए का दान अर्पण किया। दोनों ने ये चेक मारुति वीर जवान ट्रस्ट को सौंपे। कारोबारी लवजी बादशाह का कहना है कि शहीद वीर सपूतों के परिवार को किसी तरह की दिक्कत न हो। उन्हें अहसास हो कि समूचा देश उनके साथ खड़ा है।

    एक उद्देश्य शहीदों के परिवारों के लिए दान देने के लिए अन्य लोगों को प्रेरित करना भी है। उल्लेखनीय है कि लवजी बादशाह साल 2015-16 में 10 हजार पाटीदार बेटियों के लिए 200 करोड़ रुपए की सुकन्या कन्या बॉन्ड योजना भी शुरू कर चुके हैं। एक हॉस्पिटल के लिए 11 करोड़ 11 लाख रुपए का भी दान भी दे चुके हैं।

    एे मेरे वतन के लोगों...गीत से सभी हुए भावुक

    मोरारी बापू सूरत में इस समय शहीदों के लिए कथा वाचन कर रहे हैं तो ऐसे में कवि प्रदीप याद न आएं यह तो हो ही नहीं सकता। उन्होंने कथा के दूसरे दिन रविवार को शहीद जवानों को स्मरणांजलि देते हुए लताजी के गाए गीत ‘जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी...’ गाया। इस अवसर पर मोरारी बापू ने कहा कि नेहरूजी रेशनलिस्ट थे फिर भी लताजी ने शहीदों के लिए यह गीत गाया तो इनकी आंखें नम हो गई थीं।


    सूरत ने उस कुर्बानी को याद करने के लिए रामकथा का यज्ञ किया है। सीमा, पहाड़ या रण (रेगिस्तान) में जहां भी देश के जवानों के रक्त का बूंद गिरा है, वहां उनका समाधि है। इसीलिए इस कथा में देश-विदेश के लोग भी शामिल हैं। बापू ने कहा कि यह शोक सभा नहीं यह तो शहीदों के उत्सव की सभा है। आज भी हमारे देश के जवान शहीद होते हैं तो उनके घर पत्र और पुष्प जाता है। अत: इस सभा में जो लोग आएं तो वे खाए बगैर न जाएं। यह कोई देव, पितृ या साधु का भंडारा नहीं, बल्कि यह हमारे वीर शहीदों का भंडारा है। प्रसाद सभी लेकर जाएं। शहीद को द्रव्य की नहीं भाव की जरूरत है। मानव को कई तरह से देखना होता है। एक तरफ से देखोगे तो दोष माना जाता है।

    शहीदों के अंशदान में 125 करोड़ नागरिक वर्ष में 1 रुपए दें : मोरारी बापू

    शहीदों की कथा में शहीदों के लिए अपील करते हुए मोरारी बापू ने कहा कि अपने देश की आबादी 125 करोड़ है। आप विचार करो कि एक नागरिक वर्ष में एक बार 30 जनवरी को मात्र 1 रुपए शहीदों के अंशदान के लिए दे तो 125 करोड़ रुपए होता है। इतनी राशि तो पर्याप्त है। मैं कहता हूं कि करोड़पतियों को भी लाख नहीं मात्र रुपए देने हैं। अपने शहीदों को दूसरा क्या दे सकते हैं? जिस परिवार ने सब कुछ दे दिया उसे हम क्या दे सकते हैं?

    ‘कथा सुनने जाओ तो पुण्य या स्वर्ग के लिए नहीं, अपनी श्रद्धा के लिए सुनो’

    कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि बापू, आप कथा को प्रेम यज्ञ कहते हो तो उसमें पैसे की क्या जरूरत? हमने कहा कि प्रेम में भी पैसा की जरूरत पड़ती है। कारण कि हम लोग पैसा से प्रेम करते हैं। इतने बड़े कथा यज्ञ में पैसाें की जरूरत पड़ती है। इसमें पैसा नहीं खर्च करेंगे तो दूसरा क्या खर्च है? मानव को धर्म करने के लिए पांच वस्तुओं की जरूरत पड़ती है। पहली श्रद्धा, दूसरा मंत्र, तीसरा द्रव्य, विधि और भाव। रामचरित मानस में भी कहा गया है कि ‘आदौ श्रद्धा...धर्म के मूल में श्रद्धा है। व्यासपीठ पर आकर देखो तो पता चले कि रामकथा में कितनी श्रद्धा एकत्र हुई है। मैं तो सभी से कहता हूं कि कथा सुनने जाओ तो पुण्य के लिए या स्वर्ग के लिए नहीं सुनना। आप अपनी श्रद्धा के लिए सुनना। इस प्रेम यज्ञ का महामंत्र राम हैं। यह मंत्र देश के कोने-कोने में फैला हुआ है।



  • रामकथा : शहीदों के नाम 5-5 करोड़ दान, हर नागरिक से 1-1 रुपए की अपील
    +2और स्लाइड देखें
  • रामकथा : शहीदों के नाम 5-5 करोड़ दान, हर नागरिक से 1-1 रुपए की अपील
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×