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जल श्री कृष्णा: मनपा भेज रही मैसेज- पानी बचाओ, लेकिन अब तक 85% घरों में तो मीटर ही नहीं लगे

इसलिए बढ़ा जल संकट: ज्यादा सप्लाई के कारण रोज 2.75 करोड़ लीटर पानी बेकार बहा रहे लोग

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 05:41 AM IST
dainik bhaskar jal sri krishna campaign in gujarat

सूरत. सूरत महानगर पालिका विज्ञापन, श्लोगन और मोबाइल पर मैसेज भेजकर लोगों को पानी बचाने के लिए कह रही है, लेकिन शहर के 85 प्रतिशत घरों में पानी का मीटर आज तक नहीं लगवा पाई है। पानी का मीटर नहीं लगने से प्रतिदिन 2.75 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। तापी नदी में पानी की कमी है। जो पानी बचा है, उस पर भी जलकुंभी का खतरा है।

जलकुंभी की वजह से तापी का पानी प्रदूषित हो रहा है। गर्मी के दिनों में पानी के संकट की आशंका को देखते हुए मनपा अभी से ही पानी की कटौती कर रही है। करीब 55 लाख की जनसंख्या वाले शहर में मनपा 48,500 पानी के मीटर लगा रही है। अब तक करीब 18 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 27 हजार नए कनेक्शन स्मार्ट सिटी के अंतर्गत दिए गए हैं। इसके बाद वेसू और पाल जैसे नए विकसित इलाकों में 24 हजार नए कनेक्शन लगाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जहांगीरपुरा और जहांगीराबाद इलाके में करीब चार हजार नए कनेक्शन लगाएंगे। 2500 कनेक्शन अश्विनी कुमार इलाके में भी लगाए जाएंगे।

समस्या: गुणवत्ता हो रही खराब
वर्तमान स्थिति को देखते हुए आशंका व्यक्त की जा रही है कि आगामी दिनों में मनपा को लोगों की जरूरत के हिसाब से पानी मुहैया कराने में दिक्कत होगी। शहर की दैनिक जरूरत 12 एमएलडी है, जिसे तापी से पूरा किया जा रहा है, लेकिन जलकुंभी और डैम में पानी कम होने से तापी में भी जल समस्या है। तापी में जो पानी बचा है उसकी गुणवत्ता एनएबीएल द्वारा तय मापदंडों के अनुसार नहीं है। गुणवत्ता बनाए रखना चुनौती है।

लापरवाही: ज्यादा की जा रही सप्लाई
मनपा प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 140 लीटर पानी की आपूर्ति कर रही है। यह निर्धारित मापदंड से करीब 5 लीटर ज्यादा है। प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से निर्धारित किए गए पानी (एलपीसीडी) से ज्यादा पानी देने से इसकी बर्बादी हो रही है। मनपा को रोज करीब 74.25 करोड़ लीटर पानी शहर को देना चाहिए, लेकिन वह 77 करोड़ लीटर पानी दे रही है। यह जरूरत के मापदंड से करीब 2.75 करोड़ लीटर ज्यादा है।

उकाई डैम का स्तर गिरा

सिंचाई विभाग ने मनपा को एक पत्र लिखकर चेताया था कि उकाई डैम में 3000 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी ही बचा है। मनपा को डैम से 275 मिलियन गैलन पानी प्रतिदिन मिलता है, लेकिन उसकी मांग 300 मिलियन गैलन प्रतिदिन की है।

सूरत में 3 शहरों से ज्यादा खर्च
सूरत में हर व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 170 लीटर पानी इस्तेमाल करता है। यह बेंगलुरू के प्रति व्यक्ति पानी खर्च 74 लीटर, चेन्नई के 87 और भोपाल के 72 लीटर पानी खर्च से ज्यादा है।

अब बजा रहे हैं रिंगटोन
कांग्रेस पार्षद असलम साइकलवाला ने कहा कि पानी बर्बाद होने की वजह से कई जगहों पर पानी पहुंच भी नहीं पा रहा है। पिछले वर्ष पानी की समस्या को देखते हुए मनपा ने नागरिकों के मोबाइल की रिंगटोन पानी बचाओ कर दी थी, लेकिन पानी के मीटर लगवाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।

समस्या सुलझाने को कहा
मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रशासन को सूरत जिले के किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और बिजली देने के लिए पत्र लिखा है। किसानों ने सीएम विजय रुपाणी को पत्र लिखकर समस्या बताई थी।

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