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जल श्रीकृष्ण के नाद के साथ आज होगी द्वारकाधीश की मंगला आरती

‘दैनिक भास्कर’ के पानी बचाने के अभियान से जुड़े द्वारका जगत मंदिर, डाकोर रणछोड़जी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, मोरारीबापू, बीएपीए

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 03:00 AM IST
पूज्य मोरारी बापू पूज्य मोरारी बापू

अहमदाबाद. दैनिक भास्कर द्वारा पानी बचाने के लिए शुरू किए गए राज्यव्यापी ‘जल श्रीकृष्ण’ अभियान में प्रदेश के मंदिर भी जुड़ गए हैं। मुख्य संतों ने अपने शब्दों से अभियान को सफल बनाने के लिए शुभकामना संदेश दिया है...

पूज्य मोरारी बापू : जल श्रीकृष्ण अब हमारे लिए प्राण प्रश्न बन गया है

दैनिक भास्कर अखबार में पानी बचाओ अभियान के लिए बड़े-बड़े अक्षरों में जो छापा गया है उससे मैं राजी हूं। “जल श्रीकृष्ण’ तो हम सब का मूल मंत्र है। परंतु आज की परिस्थिति में जल(पानी) हम सबका प्राण प्रश्न बन गया है। “जल श्रीकृष्ण’ आज के संदर्भ में उपयोगी मंत्र से काफी प्रसन्नता हुई। गुजरात कई क्षेत्रों में पानी बताया है। अब पानी बचाने में भी पानी बताते हुए “जल श्रीकृष्ण’ को सफल बनाएगा। जल श्रीकृष्ण

पू. महंत स्वामी महाराज: जय श्रीकृष्ण के साथ जल श्रीकृष्ण को जीवन में उतारें

प. पू. प्रमुख स्वामी महाराज बार-बार कहते थे कि जल जीवन है तो जल का जतन करें। समाज और राष्ट्र का जीवन बचाएं। भगवान श्रीकृष्ण जमुना के जल के साथ आज तक जुड़े हुए हैं। जमुना का जल यानी श्रीकृष्ण का जल, तो जय श्री कृष्ण के साथ अब जल श्री कृष्ण भी बोलें और अपने जीवन में उतारें और श्रीकृष्ण के स्मरण के साथ श्री कृष्ण के संदेश का अनुसरण करें।
जल स्वामीनारायण

वैष्णवाचार्य द्वारकेशलालजी महाराज: जल श्रीकृष्ण बोलकर आने वाली पीढ़ी के लिए कल्याणकारी बनें ​

जल रक्षा और पानी बचत ही पृथ्वी की रक्षा और समस्त जीव, सृष्टि के बचाव का मुख्य स्रोत है। जल ही आधार है... जलाधार अविरल प्रवाह वाली श्री यमुनाजी-श्री गंगाजी और सभी नदियों की रक्षा ही हमारा धर्म है। अखबार द्वारा शुरू किया गया अभियान वास्तव में सराहनीय है। जय श्री कृष्ण के साथ-साथ जल श्रीकृष्ण बोलकर आने वाली पीढ़ी के लिए कल्याणकारी बनें। जल मानव जीवन को मिली उत्तम औषधि है। जल श्रीकृष्ण

महंत दिलीपदासजी महाराज: जल श्रीकृष्ण, जल ही जीवन, जल जगन्नाथ

आज के समय में जल (पानी) बचाना बहुत जरूरी है। जल पृथ्वी की प्रत्येक जीवात्मा के लिए उपयोगी है। इससे ही जीवन है। पर्यावरण है। पानी का सावधानी से उपयोग करना चाहिए। सभी को जरूरत के अनुसार उपयोग करने के बाद बाकी जल का संग्रह करना चाहिए। भविष्य को उज्जवल बनाने में सहयोग करने की प्रार्थना। जल जीव सृष्टि की सौंदर्यता है इसे बर्बाद किए बिना ही उपयोग करना चाहिए। जल जगन्नाथ

पू. महंत स्वामी महाराज पू. महंत स्वामी महाराज
वैष्णवाचार्य द्वारकेशलालजी महाराज वैष्णवाचार्य द्वारकेशलालजी महाराज
महंत दिलीपदासजी महाराज महंत दिलीपदासजी महाराज