सूरत

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दलित आत्मदाह मामला: 64 घंटे बाद भारी सिक्युरिटी के बीच हुआ अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार में पहली बार भानूभाई की पत्नी सहित भारी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं।

Danik Bhaskar

Feb 20, 2018, 05:18 AM IST
भानूभाव के शव को 64 घंटे बाद सोमवार को सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ अंतिम संस्कार के लिए ऊंझा ले जाया गया। भानूभाव के शव को 64 घंटे बाद सोमवार को सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ अंतिम संस्कार के लिए ऊंझा ले जाया गया।

ऊंझा(गुजरात). पाटण के कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन के मुद्दे पर आत्मदाह करने वाले दलित सामाजिक कार्यकर्ता भानूभाई वणकर के शव को परिवार ने दो दिन के बाद स्वीकार किया। भानूभाव के शव को 64 घंटे बाद सोमवार को सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ अंतिम संस्कार के लिए ऊंझा ले जाया गया। मृतक के अंतिम दर्शन करने के लिए दलित समाज के लोग उमड़ पड़े।

भारी तादाद में सिक्युरिटी फोर्स था तैनात

सोमवार को सुबह 8.45 बजे मृतक भानूभाई के शव को कड़ी सुरक्षा के साथ गांधीनगर से महेसाणा के रास्ते ऊंझा लाया गया। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए डीवाईएसपी हरेश दुधात की देखरेख में 3 पीआई, 8 पीएसआई, 7 एएसआई, महिला पुलिस सहित मोबाइल वैन तैनात रहा। चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। ऊंझा के श्मशान घाट में बौद्ध विधि से किए गए अंतिम संस्कार में पहली बार भानूभाई की पत्नी सहित भारी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं।

64 घंटे बाद लिखित मांग के बाद माना परिवार

बता दें कि दलित परिवार को जमीन के मुद्दे पर न्याय दिलाने के लिए गुरुवार को आत्मदाह करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता भानूभाई की शुक्रवार को रात 9.15 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृत्यु के 64 घंटे बाद लिखित मांग स्वीकार होने के बाद सोमवार को सुबह 6.30 बजे परिवार के शव स्वीकार किया।

आत्मदाह करने वाले दलित भानूभाई की अंतिम यात्रा में उमड़े दलित समाज के लोग। आत्मदाह करने वाले दलित भानूभाई की अंतिम यात्रा में उमड़े दलित समाज के लोग।
मृतक के अंतिम दर्शन करने के लिए दलित समाज के लोग उमड़ पड़े। मृतक के अंतिम दर्शन करने के लिए दलित समाज के लोग उमड़ पड़े।
ऊंझा के श्मशान घाट में बौद्ध विधि से किए गए अंतिम संस्कार में पहली बार भानूभाई की पत्नी सहित भारी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। ऊंझा के श्मशान घाट में बौद्ध विधि से किए गए अंतिम संस्कार में पहली बार भानूभाई की पत्नी सहित भारी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं।
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