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हीरा कारोबारी ने पत्नी के बर्थ डे पर पूछी विश, ऑडी और हार की जगह मांगा ये गिफ्ट

ठेसिया दंपती को कोई संतान नहीं है, लेकिन वे बच्चों से बहुत प्यार करते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 05:22 AM IST
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सूरत. पत्नी के 64वें जन्मदिन पर जब शहर के एक हीरा कारोबारी ने उनसे पूछा कि तुम्हें गिफ्ट में क्या चाहिए? ऑडी कार या सोने का हार? तो पत्नी ने कहा कि मुझे ये सब कुछ नहीं चाहिए, अगर आप देना ही चाहते हैं तो गरीब परिवार में जन्म लेने वाली बच्चियों का भविष्य बनाने के लिए बॉन्ड सेवा शुरू कीजिए। पत्नी की बात हीरा कारोबारी जेपी ठेसिया को जम गई और उन्होंने 'बेटी वधाओं विद्या लक्ष्मी योजना' की शुरुआत की। 2014 से अब तक वह 850 बच्चियों को 10-10 हजार रुपए का बांड दे चुके हैं। ये बॉन्ड अस्पताल में पैदा होने वाली बच्चियों को दिए गए। शुरू में उन्होंने 650 बच्चियों को बॉन्ड देने का मन बनाया था, लेकिन बाद में 200 और लड़कियों को बॉन्ड दिया।

संतान नहीं, पर बच्चों से बेहद प्यार

- जेपी ठेसिया सूरत के वराछा स्थित मातृ श्री तेजानी और मातृश्री शांता बा वीडिया अस्पताल के ट्रस्टी हैं। ठेसिया दंपती को कोई संतान नहीं है, लेकिन वे बच्चों से बहुत प्यार करते हैं।

- पत्नी की मांग पर ठेसिया को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की याद आई। इससे प्रेरणा लेकर उन्होंने 'बेटी वधाओं विद्या लक्ष्मी योजना' शुरू की। उन्होंने 850 बेटियों को 10-10 हजार रुपए के बॉन्ड दिए। जब ये बच्चियां 20 साल की हो जाएंगी तब इस बॉन्ड की कीमत 95 हजार रुपए हो जाएगी।

- इस दंपति ने गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कर समाज सेवा करने का लक्ष्य बना रखा है। उन्होंने बताया कि बच्चियों को बॉन्ड देकर उन्हें बहुत सुकून मिला है। वे आगे भी बच्चियों के भविष्य के लिए सेवा कार्य करते रहेंगे।

- मातृश्री तेजानी तथा मातृ श्री शांता बा वीडिया अस्पताल बेटी के जन्म पर कोई खर्च नहीं लेता है।

डेढ़ करोड़ रुपए कर चुके हैं खर्च

अस्पताल के ट्रस्टी गणेश गजेवरिया ने बताया कि ठेसिया दंपती अब तक गरीब परिवारों के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। अस्पताल में सीजेरियन से बच्ची पैदा होने पर 80 फीसदी खर्च जेपी ठेसिया ही देते हैं। उन्होंने बताया कि डिलिवरी पर होने वाला 5 हजार रुपए का खर्च भी वही देते हैं।