--Advertisement--

यहूदियों की कब्रों को तोड़कर कर दिया दफ्न, हो गया अतिक्रमण

एक तरफ इजरायल से संंबंध सुधारने की बात, दूसरी तरफ है ये हाल।

Danik Bhaskar | Jan 19, 2018, 12:19 PM IST
यहूदियों की यादों को नेस्तनाबूद करने का एक उपक्रम। यहूदियों की यादों को नेस्तनाबूद करने का एक उपक्रम।

सूरत। इस बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-इजरायल एकता की घोषणा वहां के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की उपस्थिति में की। इधर सूूरत में 100 यहूदियों के इतिहास को नेस्तनाबूद कर दिया गया, उसे संभालकर भी नहीं रखा गया। कतारगाम में जहां यहूदियों का कब्रिस्तान था, वहां इजरायल में ही बिजनेस करती एक प्रतिष्ठित कंपनी की पार्किंग है। सहेजकर नहीं रखा गया यहूदियों के इतिहास को…

यहूदियों के कब्रिस्तान के स्थान पार्किंग बनाने वाले कंपनी के मालिक का कहना है कि यह स्थान कोई किराए पर देता है। दूसरी ओर वहीं 500 वर्गमीटर पर अतिक्रमण करने वाले कहते हैं कि उन्हें जमीन किराए पर मिली थी। पालिका के अधिकारियों को इस अतिक्रमण की जानकारी ही नहीं है। इस कब्रिस्तान को बचाने के लिए लंदन में स्थायी रूप से रहने वाले डॉ. सारा मनासेह ने 2003 में मनपा कमिश्नर को एक पत्र लिखा था, परंतु इतिहास के इंटरनेशनल डिप्लोमेसी में इस स्थान को लेकर गाफिल अधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।

कब्रिस्तान को बचाने के लिए पत्र लिखे गए थे

सूरत पालिका के तत्कालीन कमिश्नर जी आर अलोरिया ने अपने कार्यकाल के दौरान यहूदियों के इस कब्रिस्तान को यथावत रखने के लिए लंदन में रहने वाले डॉ. सारा मनासेह ने 7 फरवरी 2003 को पत्र लिखा था। अब तो यहां यह हाल है कि कब्रो को तोड़कर उसे भी दफ्न कर दिया गया है। अब लोग वहां कचरा फेंकने लगे हैं। वह स्थान अब डंपिंग यार्ड के रूप में पहचाना जाने लगा है। अतिक्रमण कर अवैध निर्माण भी हो गए हैं। यहां एक डायमंड कंपनी का पार्किंग स्पॉट भी बन गया है।

कब्राें को तोड़कर कर दिया दफ्न। कब्राें को तोड़कर कर दिया दफ्न।
पालिका के अधिकारयों को इस अतिक्रमण की कोई जानकारी नहीं है। पालिका के अधिकारयों को इस अतिक्रमण की कोई जानकारी नहीं है।
यहूदी कब्रिस्तान पर अतिक्रमण कर एक डायमंड कंपनी का पार्किंग बन गया है। यहूदी कब्रिस्तान पर अतिक्रमण कर एक डायमंड कंपनी का पार्किंग बन गया है।