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एक ही जिले के 311 गांवों में हनुमान मंदिर बनवा रहे सूरत के हीरा कारोबारी, खर्च करेंगे 13 करोड़ से ज्यादा

धोलकिया पिछले 30 साल से डांग में हर साल सितंबर में 100 डॉक्टरों की टीम के साथ मेगा मेडिकल कैंप लगाते हैं।

धीरेंद्र पाटिल | Last Modified - Mar 29, 2018, 01:19 AM IST

एक ही जिले के 311 गांवों में हनुमान मंदिर बनवा रहे सूरत के हीरा कारोबारी, खर्च करेंगे 13 करोड़ से ज्यादा

सूरत. गुजरात का डांग जिला। यहां के सभी गांवों में मंदिर हो न हो, लेकिन हनुमानजी की मूर्ति जरूर मिल जाएगी। इसकी बड़ी वजह इस इलाके को रामायणकालीन दंडकारण्य का हिस्सा माना जाना है। मान्यता है कि पंचवटी की ओर जाते समय भगवान राम यहां से गुजरे थे। डांग की इसी मान्यता और लोगों की आस्था को देखते हुए सूरत के हीरा कारोबारी गोविंद धोलकिया ने जिले के सभी 311 गांवों में हनुमान मंदिर बनवाने का संकल्प लिया है।

100 डॉक्टरों की टीम के साथ मेगा मेडिकल कैंप भी लगाते हैं कारोबारी

- श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट के चेयरमैन धोलकिया अब तक 7 मंदिर बनवा चुके हैं और तीन साल में संकल्प पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इसके लिए उन्होंने 13 करोड़ रुपए का फंड तय किया हुआ है।

- धोलकिया पिछले 30 साल से डांग में हर साल सितंबर में 100 डॉक्टरों की टीम के साथ मेगा मेडिकल कैंप लगाते हैं। उन्होंने अपनी कंपनी में एक सेंट्रल कमेटी बना रखी है, जो हर गांव में बनी स्थानीय कमेटी से जुड़ी है।

- डांग इलाके में सेवारत प्रयोशा प्रतिष्ठान ट्रस्ट के पीपी स्वामी मार्गदर्शक हैं। मूर्ति की व्यवस्था गांववाले ही करते हैं। धोलकिया मंदिर पर अपना नाम नहीं चाहते, लेकिन कोई आधा खर्च देकर अपना नाम दर्ज करवा सकता है।

20 दिन में तैयार हो रहे दो तरह के मंदिर
1. कमल मंदिर :
300 लोगों की क्षमता वाला यह मंदिर बड़े गांव में बन रहा। लागत साढ़े 8 लाख रु.।
2. गुलाब मंदिर: अपेक्षाकृत छोटे गांव में 200 लोगों की क्षमता वाला मंदिर। लागत साढ़े 6 लाख रु.।

यहां बन चुके : चींचली, मोटी दभास, मोह पाडा, वांकी, आंबलिया, पीपलपाडा और उखाटिया गांव में मंदिर बन चुके हैं। दो गांवों में प्राण प्रतिष्ठा भी हो चुकी। मोटी दभास गांव में मोरारी बापू के हाथों प्रतिष्ठा हुई।

डांग को जन्मस्थली साबित करने वाली ये 3 जगह
1. शबरी धाम :
सुबिर के पास शबरी धाम है, मान्यता है कि जहां शबरी ने बेर खिलाए थे।
2. पंपा सरोवर : 7 किमी दूर पूर्णा नदी पर स्थित पंपा सरोवर है। यहीं मातंग ऋषि का आश्रम था।
3. अंजनी गुफा :अंजनी गुफा में माता अंजनी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।

गोविंद धोलकिया ने बताया कि इस इलाके को हनुमानजी की जन्मस्थली माना जाता है। इसलिए हर गांव में मंदिर बनवाने का संकल्प लिया।

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