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सरकार को स्कूलों की चुनौती, फीस नहीं भरी तो बच्चों को पढ़ाना ही बंद कर देंगे

निजी स्कूल संचालक मंडल ने कहा- अभिभावक फीस नहीं भरते, सरकार बात नहीं सुनती, अब हम हड़ताल करेंगे

Bhaskar News | Last Modified - Jan 21, 2018, 05:06 AM IST

सरकार को स्कूलों की चुनौती, फीस नहीं भरी तो बच्चों को पढ़ाना ही बंद कर देंगे
सूरत. फीस के लिए सूरत के निजी स्कूल बच्चों को पढ़ाना बंद कर देंगे। शनिवार को निजी स्कूल संचालक मंडल ने एक पत्र जारी किया। इस पत्र के जरिए शहर के सभी निजी स्कूलों से एक दिन के लिए पढ़ाई-लिखाई बंद करने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि एक दिन स्कूल बंद करके हम सरकार के फीस नियम का विरोध करें। इसके बाद भी अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनती तो अनिश्चित काल के लिए स्कूल बंद कर दें। सभी निजी स्कूलों से अपना विचार लिखित में देने को कहा गया है। इस वर्ष अभी तक तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें फीस के लिए निजी स्कूलों ने बच्चों को प्रताड़ित किया है। एक मामले में तो एक 9वीं कक्षा के छात्र ने फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। फीस का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, फिर भी स्कूल हड़ताल की बात कर रहे हैं। दूसरी तरफ राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की बजाए अभिभावक और स्कूल से सद्भाव बनाने की अपील कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं रुक रही स्कूलों की मनमानी
गुजरात हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने और सरकार के नियम मानने के लिए आदेश दिया था। हाईकोर्ट का आदेश मानने की बजाय स्कूल सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन स्कूलों ने फीस नियमन कमेटी में फीस के बारे में ब्यौरा नहीं सौंपा है सरकार उन पर 1 फरवरी तक कार्रवाई न करे। मामला अभी कोर्ट में है फिर भी स्कूल मनमानी तरीके से फीस वसूल रहे हैं।

मंडल के पत्र में निजी स्कूलों से हड़ताल करने की अपील

निजी स्कूल के संचालक मंडल की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार ने 2017 में जो फीस के नियम बनाए हैं, उसकी वजह से भविष्य में स्कूलों के संचालन में समस्या उत्पन्न हो सकती है। अभिभावक फीस नहीं भर रहे और सरकार स्कूलों की कोई बात नहीं सुन रही। अभिभावकों और स्कूलों के बीच संघर्ष दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। अब स्कूलों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए सभी निजी स्कूल एक दिन के लिए पढ़ाई-लिखाई बंद रखें। बंद की तारीख का निर्णय स्कूल संचालक मंडल करेगा। इसके बाद भी सरकार अगर हमारी बात नहीं सुनती तो अनिश्चित कालीन के लिए स्कूल बंद करने का निर्णय लिया जाएगा।

फीस ज्यादा लगती है तो अपने बच्चे को दूसरी जगह पढ़ाएं
स्कूल संचालक मंडल के प्रवक्ता दीपक राजगुरु ने कहा है कि अभिभावक अभी फीस भर दें। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अगर हमारे पक्ष में नहीं आता ंंंंतो हम जो फीस बढ़ेगी उसे अगले साल की फीस में जोड़ देंगे। फीस के बिना स्कूल चलाना अब हमारे लिए संभव नहीं है। किसी अभिभावक को अगर ऐसा लगता है कि हम गलत फीस ले रहे हैं, तो वे अपने बच्चे को दूसरी जगह पढ़ा सकते हैं।

9 दिन में आए स्कूल प्रताड़ना के 3 मामले

- 10 जनवरी को ट्रांसपोर्टेशन फीस नहीं भरने की वजह से पीपी सवाणी रेडिएंट स्कूल ने 7वीं क्लास की एक बच्ची को स्कूल बस से उतार दिया था। तेज बुखार से तप रही बच्ची 1 घंटे तक भटकती रही थी।

- 17 जनवरी को कतारगाम बहुचर नगर के सर्वोदय विद्यालय ने 9वीं कक्षा के छात्र रिद्धेश चावड़ा को फीस नहीं भरने के कारण प्रताड़ित किया, तो उसने फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की।

- 19 जनवरी को स्कूल फीस नहीं भरने के कारण अडाजण स्थित रिवरडेल स्कूल ने 10वीं कक्षा के छात्र प्रिंस जारसाणिया को चलती क्लास से बाहर निकाल दिया था।

मंडल के एक पदाधिकारी के स्कूल को नोटिस

निजी स्कूल संचालक मंडल के चार पदाधिकारी स्कूल के संचालक हैं। इनमें से वराछा के नवचेतन स्कूल के संचालक राकेश भाई नकराणी मंडल के संस्थापक, वाइब्रेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, ओलपाड के संचालक दीपक राजगुरु प्रवक्ता, रिवरडेल इंग्लिश मीडियम स्कूल, अडाजण के संचालक महेश भाई प्रमुख और विवेकानंद स्कूल के अानंदभाई जिंजाणा मंत्री हैं। रिवरडेल को एक छात्र को प्रताड़ित करने के कारण शिक्षा अधिकारी ने नोटिस भेजा था।

बदले बोल : शिक्षा मंत्री के दो अलग-अलग बयान

11 जनवरी :सूरत में अभिभावक संगठन द्वारा एक “संवाद” कार्यक्रम में राज्य के शिक्षामंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने कहा था कि उनकी सरकार स्कूलों की मनमानी के खिलाफ है। स्कूल शिक्षा के केंद्र हैं उन्हें व्यापार केंद्र नहीं बनाना चाहिए।

20 जनवरी :भूपेंद्र सिंह चुडासमा से जब स्कूलों की हड़ताल करने की योजना के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता तब तक मैं अभिभावकों और स्कूलों को शांति-सद्भाव बनाए रखने की सलाह दूंगा।

रिवरडेल के प्रिंसिपल ने कहा- बच्चे को पढ़ाएंगे, पर फीस तो देनी ही पड़ेगी

फीस नहीं भरने की वजह से अडाजण के रिवरडेल स्कूल द्वारा बच्चे को चालू क्लास से निकाल देने के मामले में शिक्षा अधिकारी ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा। इस नोटिस का जवाब स्कूल ने एक ही दिन में भेज दिया। स्कूल के प्रिंसिपल सुमित वाढ़ेर ने कहा कि हम बच्चे को क्लास में बैठने से नहीं रोकेंगे, लेकिन फीस तो भरनी ही पड़ेगी। अगर बच्चा स्कूल आएगा तो हम उसे पढ़ाएंगे। वाढ़ेर ने कहा कि हम न तो गलत फीस मांग रहे हैं और ना ही ज्यादा। उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिकारी के नोटिस का जवाब भेज दिया है, वहां से जो भी फैसला आएगा वह हमें मान्य होगा।


स्कूल से भगा दिया तब कैसे भेजे स्कूल

चालू क्लास से भगाए जाने के बाद 10वीं कक्षा का छात्र प्रिंस जारसाणिया शनिवार को स्कूल नहीं गया। बच्चे के पिता किशोर जारसाणिया ने कहा कि जब बच्चे को क्लास से बाहर निकाल दिया गया तो हम किस मुंह से उसे स्कूल भेजें। अगर उन्हें बच्चे को पढ़ाना होता तो चालू क्लास से नहीं भगाते। शुक्रवार को रिवरडेल स्कूल ने प्रिंस जारसाणिया को फीस नहीं भरने की वजह से चालू क्लास से भगा दिया था।

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Web Title: srkar ko schoolon ki chuNaoti, fis nahi bhari to bachcho ko pढ़aanaa hi band kar dengae
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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