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ओवर डोज दवा खाकर महिला डॉक्टर रूही ने किया सुसाइड

सिविल अस्पताल की महिला डाॅक्टर का शव हॉस्टल की छत से मिला

Dainik Bhaskar

Mar 25, 2018, 01:18 AM IST
doctor ruhi commit suicide in surat

अहमदाबाद. अहमदाबाद स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज की पीजी की छात्रा और इससे संबंद्ध सिविल अस्पताल की महिला रेजिडेंट डाक्टर रूही यूनुसभाई हाथीधरा का शव शनिवार को उनके हॉस्टल की छत से बरामद किया गया। प्रथम दृष्टया इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या करने की आशंका जताई गई है।


मामले की जांच कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त राजेश गढ़िया ने बताया कि अहमदाबाद की निवासी डाक्टर रूही (26) का शव कॉलेज सह अस्पताल परिसर स्थित पीजी हॉस्टल के छत से बरामद किया गया। उनके हाथ पर इंजेक्शन का निशान है जिससे आशंका जताई जा रही है कि संभवत: उन्होंने आत्महत्या की है। मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।


बताया जाता है कि बाल रोग विभाग से जुड़ीं डाक्टर रूही की दो साल पहले शादी हुई थी। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार वह गर्भवती थीं। आगामी मई माह में उनकी परीक्षा होने वाली थी। पुलिस शुक्रवार रात 11.30 और शनिवार सुबह 8.30 बजे के बीच आत्महत्या करने का अनुमान लगा रही है। सुबह हॉस्टल की छत पर मॉर्निंग वॉक करने गए अन्य डॉक्टरों ने लाश देखने के बाद पुलिस काे सूचित किया। महिला डॉक्टर को पहले लेबर रूम और फिर ट्रोमा सेंटर में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एफएलएल की टीम ने लाश के पास पड़े इन्जेक्शन का सेंपल लिया है। रूही कुछ समय से डिप्रेशन में थी। 15 दिन पहले ही नींद की गोली खा ली थी।

पिता पालडी में वेटरनिटी डॉक्टर हैं

मृतक रूही के पिता यूनुसभाई पालडी में वेटरनिटी डॉक्टर और पति वडोदरा में अर्थोपैडिक डॉक्टर है। रूही की बड़ी बहन सिविल में ही पढ़ाई पूरी करके अमेरिका में एमएस न्यूरोफिजिशियन कर रही है।

शुक्रवार को 1 बजे तक ओपीडी में थी
सिविल के एक डॉक्टर ने बताया कि रूही दोपहर 1 बजे तक होस्पिटल में काम कर रही थी। केस पेपर और रजिस्टर मेन्टेन करते समय उनका व्यवहार सामान्य लग रहा था। ऐसा नहीं लग रहा था कि रूही आत्महत्या कर लेगी।

सीधी बात: तेजस प्रजापति, डॉक्टर, सिविल अस्पताल

प्रोपोफोल एनेस्थेटिक सर्जरी के दौरान मरीजों को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा के ओवरडोज से रेस्पिरेटरी पेरालिसिस होने के बाद मरीज की 15 मिनट में मौत हो जाती है। शरीर में पोटैशियम का लेवल बढ़ाने के लिए दी जाने वाली पोटैशियम क्लोराइड, प्रोपोफोल से ज्यादा खतरनाक है। जो नस से सीधे फेफड़े और हृदय पर असर करती है। दोनों दवाएं लेने के बाद मरीज का जल्द इलाज नहीं किया गया तो 10 से 15 मिनट में मौत हो जाती है।

रात 11.30 बजे मैं हॉस्टल में आई तो रूही थोड़ी देर में आतीं हूं कहकर बाहर चली गई। इसके बाद मैं सो गई। इसलिए मैंने रूही की बात पर ध्यान नहीं दिया। परीक्षा की वजह से रूही कुछ तनाव में थी।

-शेफाली गुप्ता

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