सूरत

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अविश्वास प्रस्ताव वापस, कांग्रेस के 3 विधायकों की निलंबन अवधि घटी

विधानसभा के बजट सत्र का समापन आज, कई मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

Danik Bhaskar

Mar 28, 2018, 02:58 AM IST

गांधीनगर. विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस के उपनेता शैलेष परमार ने मंगलवार को वापस ले लिया। दूसरी ओर 14 मार्च को सदन में मारपीट की घटना के बाद लंबी अवधि के लिए निलंबित किए गए तीन कांग्रेस विधायकों के निलंबन की अवधि भी घटा दी गई है।


शैलेष परमार ने गत 28 फरवरी को संविधान के अनुच्छेद 179 के तहत अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था । उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर कांग्रेस के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कांग्रेस से इसे यह कहते हुए वापस लेने का आग्रह किया था कि राज्य विधानसभा के इतिहास में भले ही अध्यक्ष को हटाने के लिए करीब तीन दर्जन बार नोटिस दिया गया हो पर इस पर कभी भी चर्चा नहीं हुई।


उधर, गत 14 मार्च को सदन में माइक उखाड़ कर हमला करने और हंगामे की घटना के बाद तीन साल के निलंबित कांग्रेस विधायक प्रताप दुधात और अमरीश डेर तथा एक साल के लिए निलंबित बलदेवजी ठाकोर का निलंबन भी घटाकर सत्रांत यानी बुधवार (मौजूदा बजट सत्र का समापन आज हो रहा है) तक कर दिया गया।

इस संबंध में एक प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने रखा जिसे सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया और अध्यक्ष ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी। तीन विधायकों ने इस मामले में हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। पिछले कई दिनों से दोनों मामलों को सुलझाने के लिए सरकार और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही थी। दोनों मुद्दों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया।

विधानसभा में मारपीट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बनेंगे नियम

गांधीनगर। विधानसभा में मारपीट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सत्ता और विपक्ष ने नई कमेटी बनाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए जल्द ही 15 सदस्यों की एक कमेटी गठित होगी। कमेटी सदन को चलाने के लिए विभिन्न मुद्दों का अभ्यास करने के बाद किस प्रकार की घटनाओं में कितनी सजा होनी चाहिए आदि की रिपोर्ट सौंपेगी, जिस आधार पर नया नियम बनेगा। ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों विधानसभा में मारपीट की घटना के बाद कांग्रेस के दो विधायकों को तीन और एक विधायक को एक साल के निलंबित कर दिया गया था।

विधानसभा में मौजूदा नियमों के अनुसार सत्र की समाप्ति तक निलंबन का प्रावधान होने के कारण कांग्रेस ने विधायकों के निलंबन को कम करने का सरकार पर दबाव डाला था। निलंबन को कम करने मुद्दे पर हुई बैठक में सत्ता और विपक्ष ने नई कमेटी बनाने का निर्णय लिया है।

15 सदस्यों की इस कमेटी में प्रोरेटा के अनुसार भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के विधानसभा में 1 साल से अधिक निलंबन का नियम है। पड़ोसी राज्यों के नियमों का अध्ययन करने के बाद कमेटी नए नियम बनाने की रिपोर्ट सरकार काे सौंपेगी। नए नियमों में मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल होने वाले विधायकों को 1 से 5 साल तक सजा करने को भी शामिल किया जा सकता है।

कालचक्र के कारण ऐसी घटना हुई : नितिन पटेल
कांग्रेस के विधायकों के निलंबन से संबंधित प्रस्ताव रखते हुए उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि कालचक्र के कारण ऐसी घटना हुई। कई कड़वी और मीठी यादों के साथ हम बजट सत्र पूरा करते हुए एक दूसरे से अलग हो रहे हैं। वहीं मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने कहा कि विपक्षी नेता सहित सदस्यों का सदन में सकारात्मक रुख अपनाए रखा। इससे कई मुद्दों पर गहन चर्चा संभव हुई।

निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका कांग्रेस विधायकों ने वापस ली
कांग्रेस विधायकों ने निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका मंगलवार को वापस ले ली है। ज्ञातव्य है कि विधानसभा में मारपीट की घटना के बाद अध्यक्ष ने कांग्रेस के दो विधायक प्रताप दुधात और अमरीश डेर को तीन और बलदेवजी ठाकोर को एक साल के लिए निलंबित कर दिया था। कांग्रेस के विधायकों ने अध्यक्ष के निर्णय को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

पक्ष-विपक्ष में सोमवार से चल रही थी बैठक
अविश्वास प्रस्ताव और विधायकों के निंलबन के मुद्दे पर मंगलवार को सुबह बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और भूपेंद्रसिंह चूड़ासमा मौजूद थे। सोमवार को मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष नेता के बीच समाधान के मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई थी।

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