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गांधी जी ताउम्र कभी एरोप्लेन में नहीं बैठे थे, बतौर वकील हारा था पहला केस

गांधी जी अपने जीवन में कभी अमेरिका नहीं गए थे। जानें ऐसे ही फैक्ट्स

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 11:30 PM IST

अहमदाबाद. आज महात्मा गांधी की 70वीं पुण्यतिथि है। बापू केवल हिन्दुस्तान ही नहीं वरन पूरी दुनिया के लिए आदर्श थे। गांधी जी की हत्या की खबर पूरी दुनिया के अखबारों में हेडलाइन बनी थी। दुनिया के मुख्य अखबारों ने गांधी जी के लिए क्या लिया था। साथ ही बापू के बारे में कुछ रोचक बातें भी....

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जीवन में कभी अमेरिका नहीं गए न कभी एरोप्लेन में बैठे

गांधी जी अपने जीवन में कभी अमेरिका नहीं गए थे। वे कभी एरोप्लेन में नहीं बैठे थे।

रेडियो पर पहला संबोधन

1931 में इंग्लैंड की यात्रा के दौरान गांधीजी ने पहली बार रेडियो पर अमेरिका के लिए भाषण दिया था। रेडियो पर उनके शब्द थे “क्या मुझे इसके अंदर बोलना पड़ेगा?’ ‘Do I have to speak into this thing?’

बचपन में बहादुर नहीं थे

आत्मकथा में गांधी जी ने लिखा है कि वे जन्म से बहादुर नहीं थे। वे इतने शर्मीले थे कि स्कूल से भाग जाते थे ताकि किसी से बात न करनी पड़े।

बतौर वकील हारे थे पहली केस

उन्होंने जब इंग्लैंड में वकालत शुरू की तो पहली केस में उनके पैर कांप रहे थे। दलील पूरी किए बिना ही वे अपनी जगह पर बैठ गए और केस हार गए। परंतु दक्षिण अफ्रीका में वे सफल वकील बने। वहां उनकी वार्षिक आय 15,000 डॉलर तक पहुंच गई थी।

48 रास्तों का नाम 'महात्मा गांधी रोड’

भारत के 53 मुख्य मार्गो और दुनिया के अन्य हिस्सों में लगभग 48 रास्तों का नाम 'महात्मा गांधी रोड’ है।