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पिता ने बेटे की मौत पर इसलिए बैंडबाजे के साथ किया अंतिम संस्कार, बेटियों ने दी मुखाग्नि

बेटी ने कहा- पिताजी हमेशा हंसते रहते थे इसलिए हमें भी उनकी जाने का शोक नहीं हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 06, 2018, 03:22 AM IST
पिता ने बैंडबाजे के साथ किया अंतिम संस्कार। पिता ने बैंडबाजे के साथ किया अंतिम संस्कार।

वडोदरा. हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद एक व्यक्ति की बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। बैंड ने रघुपति राघव राजा राम सहित भजन बजाए। अंतिम यात्रा-अंतिम संस्कार का क्रम 40 मिनट तक चला। इसकी पूरी वीडियो शूटिंग की गई और इस दौरान आतिबाजी भी की गई। करोडिया गांव निवासी 39 वर्षीय भरत परमार को बेटियों ने मुखाग्नि दी। तीन मार्च को उनकी मृत्यु हो गई थी। ये था इसके पीछे का कारण...

- जवान बेटे की असमय मृत्यु पर भी इस तरह अंतिम संस्कार के बारे में भरत के पिता गोरधन परमार ने कहा कि- मेरे बेटे भरत ने परिवार के लिए अपना जीवन लगा दिया और खुद को कुर्बान कर दिया।
- एक-एक दिन में वह 10-11 ऑर्डर पूरे करता था। उसने पैसा और नाम बहुत कमाया। हमें उसके लिए भी कुछ करना था।
- फैमिली को सुखी-समृद्द बनाने के अपने संकल्प-समर्पण के चलते भरत हमसे बहुत दूर चले गए हैं- लेकिन वे परिवार के लिए जो कुछ कर गए हैं-उसका हमें गर्व है।
- इसलिए हमने बैंडबाजे के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाल कर श्रेय देने-कृतज्ञता व्यक्त करने का नया चलन शुरू किया है।
- भरत की पत्नी और बेटियों की सहमति के बाद हमने यह पहल की।

72 लोगों का है हमारा परिवार
- भरत के पिता गोरधनभाई परमार वयोवृद्द हैं। उन्होंने बताया कि- मुझे शुरू से ही कुछ अलग करने की प्रेरणा होती रहती हैं-ऐसा करना पसंद रहा है।
- हमारे समय में संपन्न लोग शादी करने घोड़े पर सवार होकर जाते थे। मैंने ऊंट पर बैठ कर बारात निकाली थी।
- गांव में ऐसा करने वाला मैं अकेला था। बेटे के मुंडन में भी बैंड-बाजा मंगवाने वाले हम अकेले हैं। हमारे दादा-चाचा के 12 भाई और 72 लोगों का परिवार है।

बेटियों को हमेशा बेटा माना
- बेटी ने कहा कि - पिता मुझे बेटा मानते थे। हमेशा कहते थे कि तुम मेरी बेटी नहीं बेटा ही हो। हम तीन बहनें हैं -मैं, दिशा और पृथ्वी।
- पिताजी हमेशा हंसते रहते थे इसलिए हमें भी उनकी जाने का शोक नहीं हैं। पिता की अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया है।

मृतक भरत। मृतक भरत।
बेटियों ने दी मुखाग्नि। बेटियों ने दी मुखाग्नि।
अंतिम यात्रा में आतिशबाजी भी हो रही थी। अंतिम यात्रा में आतिशबाजी भी हो रही थी।
मृतक की बेटी और पिता। मृतक की बेटी और पिता।
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पिता ने बैंडबाजे के साथ किया अंतिम संस्कार।पिता ने बैंडबाजे के साथ किया अंतिम संस्कार।
मृतक भरत।मृतक भरत।
बेटियों ने दी मुखाग्नि।बेटियों ने दी मुखाग्नि।
अंतिम यात्रा में आतिशबाजी भी हो रही थी।अंतिम यात्रा में आतिशबाजी भी हो रही थी।
मृतक की बेटी और पिता।मृतक की बेटी और पिता।
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