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मंगेतर ने किया शादी से इनकार तो डॉ. ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट लिख बताई पीड़ा

सुसाइड नोट में लिखा- शव स्वाति के घर के सामने से ले जाएं, ताकि उन्हें पता चले

Danik Bhaskar | Mar 31, 2018, 06:27 AM IST
वैभव जब 4 साल का था तभी उसके पिता की हो गई थी मौत, अब बेटे की मौत से मां सहित पूरा परिवार सदमें में है। वैभव जब 4 साल का था तभी उसके पिता की हो गई थी मौत, अब बेटे की मौत से मां सहित पूरा परिवार सदमें में है।

सूरत. सिविल अस्पताल में एनेस्थीसिया के एक डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का हाई डोज लेकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले डॉक्टर द्वारा लिखे सुसाइड नोट में इसके लिए अपनी मंगेतर और उसकी बहन को जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में दोनों को उनके कर्मों की सजा मिलने की बात भी डॉक्टर ने कही है। सिविल कैम्पस में हुए इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की है। परिवार वालों का आरोप है कि मंगेतर द्वारा शादी से मना करने के कारण उनके बेटे ने सुसाइड जैसा कदम उठाया।

- सिविल अस्पताल कैम्पस में नवरंग ब्लाक- डी में रहने वाले 30 वर्षीय डॉ. वैभव जयंती सोनडिया ने शुक्रवार अपराह्न तीन बजे घर पर ही एनेस्थीसिया का हाई डोज लेकर आत्महत्या कर ली। वैभव सिविल अस्पताल में एमडी की पढ़ाई करके एनेस्थीसिया के रेजिडेंट-4 डॉक्टर था।

- मां सविता यहीं मेडिकल कॉलेज में डीन की पीए थी। जब वैभव चार साल का तभी उसके पिता की मौत हो गई।

- शुक्रवार को बेटे के सुसाइड करने से पूरा परिवार गमगीन था।

- उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिस बेटे की शादी की तैयारी वह पिछले एक साल से कर रही थी उसी शादी के टूटने से वह अपना बेटा खो देंगी।

एमबीबीएस में था गोल्ड मेडलिस्ट

- डॉ. वैभव एमबीबीएस प्रथम वर्ष में गोल्ड मेडलिस्ट था। दो दिन पहले ही दिल्ली में डीएम का इंटरव्यू व एग्जाम दिया था।

- पश्चिम बंगाल में डीएम के लिए सलेक्शन भी हो गया था। इधर गुरुवार को ही मुंबई स्थित हिंदुजा हॉस्पिटल में उसको नौकरी के लिए काॅल आया था।

सदमा: सगाई टूटने से डिप्रेशन में था डॉक्टर


- मां ने बताया कि रुस्तमपुरा निवासी स्वाति किशोर भाई परवटिया से वैभव की सगाई हुई थी।

- मई 2018 में दोनों की शादी होने वाली थी, लेकिन इससे पहले उसने शादी करने से मना कर दिया, जिसकी वजह से वैभव डिप्रेशन में था।

- यह भी बताया कि सगाई के पहले दोनों एक दूसरे को जानते थे। दोनों की मर्जी से सगाई हुई थी।

- वहीं वैभव की मौसी का आरोप है कि स्वाति उससे डिमांड करने लगी थी। उसने लास्ट टाइम कार की डिमांड की थी।

सुसाइड नोट लिख बताई पीड़ा

- मेरी मौत की जिम्मेदार हेतल पटेल और स्वाति परवटिया हैं। हेतल पटेल के कारण मेरा संबंध स्वाति पटेल से टूट गया और मैं अब उसके बगैर नहीं जी सकता।

- मैंने सभी कोशिशें की लेकिन स्वाति बिना अब नहीं जी सकता। मेरी अंतिम इच्छा है कि स्वाति और हेतल को उनके कर्मों की सजा मिले और मेरी लाश को स्वाति के घर के सामने से ले जाया जाए जिससे उसे पता चले कि मैंने जो वादा किया था कि तुम्हारे बगैर नहीं जी सकता वह सच था, भले ही तुमने मेरे साथ चाहे जो किया हो। -तुम्हारा, वैभव

डाॅक्टर वैभव डाॅक्टर वैभव
एमबीबीएस में था गोल्ड मेडलिस्ट एमबीबीएस में था गोल्ड मेडलिस्ट
सुसाइड नोट लिख बताई पीड़ा सुसाइड नोट लिख बताई पीड़ा